Vedanta समूह के अनिल अग्रवाल ने कहा, व्यवसाय करना सरकार का काम नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 16, 2019

मुंबई। वेदांता रिर्सोसेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि सरकार का व्यवसाय करना नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि अगर सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम कर 50 प्रतिशत पर ला दे तो वे और अच्छे तरीके से चलेंगे। फिलहाल 14-15 बैंक और 40-45 कंपनियां हैं जिनमें सरकार की हिस्सेदारी काफी ऊंची है। अग्रवाल ने भारत आर्थिक सम्मेलन 2019 में एक परिचर्चा के दौरान कहा कि सरकार का व्यवसाय यह नहीं है कि वह व्यवसाय करे।

उद्योगपति ने कहा कि उनकी कंपनी ने चार सरकारी कंपनियों का अधिग्रहण किया है और उनमें से सभी पहले से तीन गुना अधिक उत्पादक हैं। अग्रवाल ने कहा कि आज सरकार की बैंक समेत कंपनियों में हिस्सेदारी औसतन 87 प्रतिशत है। अगर उसे घटाकर 50 प्रतिशत पर लाया जाता है, उन्हें 1,000 अरब डॉलर मिलेंगे और वे ज्यादा बड़ी होंगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार प्रत्येक कंपनियों में 5 से 10 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी क्षेत्र के लिये छोड़ती है, वे अपेक्षाकृत बेहतर करेंगी।

इसे भी पढ़ें: खाने-पीने का सामान हुआ महंगा, थोक महंगाई बढ़कर 0.58 पर पहुंची

अग्रवाल ने कहा कि जब हम सरकार से हिस्सेदारी बिक्री की बात करते हैं, वे कहते हैं कि हम संपत्ति को देखेंगे। लेकिन मेरा मानना है कि सरकार को राजस्व को ध्यान में रखकर नहीं सोचना चाहिए और...धन सृजित होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कोयला और हीरा के साथ सबसे बड़े और उम्दा तेल एवं गैस तथा कोयला भंडार हैं। वहीं दूसरी तरफ देश संसाधनों के आयात के लिये करीब 500 अरब डॉलर खर्च कर रहा हैं जो बढ़कर आने वाले समय में 1,000 अरब डॉलर हो जाएगा।

इसे भी पढ़ें: RBI के गवर्नर ने कहा, आर्थिक नरमी के लिए सिर्फ वैश्विक कारक जिम्मेदार नहीं

अग्रवाल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकारी कंपनी बेहतर काम नहीं कर सकती है लेकिन यह महत्वपूर्ण है के उन्हें मुक्त किया जाए। अत: तेल एवं गैस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां या कोल इंडिया को किसी और को दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार के कानून भी कहते हैं कि अगर किसी कंपनी में सरकारी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे आती है तो कैग से आडिट की जरूरत नहीं होगी और सीईओ स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं। ऐसे कदम का शेयर बाजार भी स्वागत करता है। अगर हम प्राकृतिक प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी कंपनियों और बैंकों को मुक्त करें तो भारत पर उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अग्रवाल ने कंपनियों के कामकाज में नौकरशाहों का हस्तक्षेप बना हुआ हैं और इसमें कमी लायी जानी चाहिए।

प्रमुख खबरें

Manik Saha ने पूरा किया वादा: Judo Star Asmita Dey को मिला 10 लाख का Check और अगरतला में अपना घर

Commonwealth Fencing Championship: लागोस में Team India का दबदबा, तीसरे दिन 3 Gold समेत जीते 5 पदक

England Test Captain Joe Root ने खिलाड़ियों पर से हटाया Night Curfew, कहा- अपनी Responsibility खुद समझें Team Members

India vs Sri Lanka Test: Washington Sundar के बाहर होने से Team India की बढ़ी मुश्किलें, लगा बड़ा झटका