By अभिनय आकाश | Aug 18, 2026
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को IB अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में उम्रकैद की सज़ा काट रहे जावेद की अपील पर नोटिस जारी किया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने जावेद और ताहिर हुसैन समेत 5 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें 31 जुलाई को सज़ा सुनाई थी। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर अपील पर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई नाज़िम और कासिम की दूसरी अपीलों के साथ 2 दिसंबर को होगी। 12 अगस्त को हाई कोर्ट ने नाज़िम और कासिम की उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगाने की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया था। दोषियों के वकील ने कहा कि पुलिस अपील करने वाले जावेद की भूमिका साबित करने में नाकाम रही।
कोर्ट ने कहा कि हालांकि, यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ़ रेयर) मामलों की श्रेणी में नहीं आता है। अभियोजन पक्ष किसी भी दोषी की कोई खास भूमिका साबित नहीं कर सका। अभियोजन पक्ष ने अपराध के दौरान बरती गई बर्बरता का हवाला देते हुए सभी दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। यह भी कहा गया कि अपराध को अंजाम देने के लिए भारी काटने वाले हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
एडिशनल सेशंस जज (ASJ) ने हत्या के अपराध के लिए ताहिर हुसैन, नाज़िम, कासिम, जावेद और अनस को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये और अन्य आरोपियों पर 25-25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया।
उन्हें अपहरण के अपराध के लिए भी 7 साल की सज़ा सुनाई गई और जुर्माना भी लगाया गया। उन्हें दंगा करने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने आदि अपराधों के लिए भी सज़ा सुनाई गई।