By अभिनय आकाश | Nov 22, 2021
सत्ता बदले या सरकार, मुद्दे बदले या विचार, चुनाव आयोग का नजरिया बदले या मीडिया के चुनाव कवरेज का तरीका, अगर नही बदला है तो सिर्फ़ मतदाताओ को उलझा कर उनको विकास के सपने दिखाकर, रोजगार के नये अवसरो को पैदा करने का आश्वासन देकर, भ्रष्टाचार एवं मुफ़्त और लोक लुभावने वादे का झांसा देकर अपनी अपनी राजनीतिक रोटियों को सेंक सत्ता का भोग करना । पंजाब में चुनाव है और इसे जीतने के लिए व दिल्ली से बाहर अपनी जगह बनाने की कवायद के तहत आम आदमी पार्टी ने पंजाब की 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को 1 हजार रुपये देने का वादा किया है। लेकिन वास्तवकिता की कसौटी पर दिल्ली के सीएम की तरफ से पंजाब में किए गए वादों की हकीहत इससे काफी भिन्न है।
क्या है दावे की हकीकत
पंजाब में चुनाव जीतने के लिए केजरीवाल की तरफ से महिलाओं को एक हजार रुपये देने के वादे किए गए। लेकिन अगर पंजाब के 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की जनसंख्या 1 करोड़ दस लाख है। मतलब केजरीवाल के वादे के अनुसार कुल कीमत 13,200 करोड़ रुपये प्रति वर्ष बैठता है। अब आते हैं पंजाब का जीएसटी राजस्व पर तो ये प्रति वर्ष 11,800 करोड़ ही है। यानी की कुल लागत प्रति वर्ष के जीएसटी कलेक्शन से भी ज्यादा है। वहीं पंजाब का कुल बकाया कर्ज पर नजर डालें तो ये आंकड़ा 2,82,000 करोड़ का है। ऐसे में आप संयोजक की तरफ से पंजाब की महिलाओं के लिए ऐलान तो कर दिया गया लेकिन इसे पूरा कर पाना दूरी की कौड़ी लग रहा है।