By अभिनय आकाश | Oct 23, 2026
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली में 273 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) कंपनियों की तैनाती को दूसरी बार 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। इसके पीछे राजनीतिक और अन्य समूहों द्वारा अचानक विरोध-प्रदर्शन (फ्लैश प्रोटेस्ट) किए जाने की आशंका का हवाला दिया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए, इन बलों को इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी लाया गया था। गृह मंत्रालय (MHA) ने 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस और संबंधित CAPF को इस तैनाती के लिए आपसी समन्वय बनाने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर इस विस्तार को मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने शहर भर की कई "संवेदनशील" जगहों पर अचानक विरोध-प्रदर्शन होने की संभावना का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने अक्टूबर के मध्य में भी इसी तरह के विस्तार को मंजूरी दी थी।
9 अक्टूबर को दिल्ली के कुछ हिस्सों में CJP ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी, मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। बाद में विपक्षी दलों ने भी इसी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। CJP ने 16 अक्टूबर को "लहरा दो तिरंगा" नाम से भी एक प्रदर्शन किया।