By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 27, 2018
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में 40 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति की पत्नी ने दावा किया कि भूख के चलते उसके पति की मौत हो गयी। महिला के अनुसार उसके पास राशन कार्ड नहीं था। आदिम बिरहोर आदिवासी से ताल्लुक रखने वाले राजेंद्र बिरहोर की कल मांडू खंड के नवाडीह गांव में मौत हो गयी। नवाडीह गांव यहां से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बहरहाल, जिला अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है और कहा कि बिरहोर की मौत ‘बीमारी’ के चलते हुई।
छह बच्चों का पिता बिरहोर परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य था। उसे हाल में यहां के राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेंज में भर्ती कराया गया था लेकिन उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी। मांडू के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मनोज कुमार गुप्ता ने आदिवासी व्यक्ति की भूख से मौत की बात से इनकार किया है। उन्होंने कल बिरहोर के घर का दौरा किया और दावा किया कि बिरहोर की मौत बीमारी के चलते हुई।
बीडीओ ने स्वीकार किया कि परिवार के पास राशन कार्ड नहीं था। उन्होंने शांति देवी को अनाज और परिवार के लिये 10,000 रुपये दिये। उन्होंने कहा, ‘हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि उनके परिवार का नाम सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी युक्त राशन पाने वालों की सूची में क्यों नहीं दर्ज था।’