By अभिनय आकाश | Jan 21, 2026
18 दिनों तक जिसने ईरान के कोने-कोने को सुलगाया, आगजनी तोड़फोड़ करते हुए ईरान के 100 शहरों में तांडव मचाया। सुप्रीम लीडर खामनई के खिलाफ सबसे बड़े विद्रोह को भड़काया। ईरान के उसी एंटी मुल्ला ब्रिगेड के पास सिर्फ 72 घंटों का वक्त है। इन 72 घंटों के भीतर अगर प्रदर्शनकारियों ने सरेंडर नहीं किया तो 72 घंटे बाद ईरान के तमाम शहरों और इलाकों में ऐसे हंट ऑपरेशन का आगाज होगा जिसका सिर्फ एक मकसद होगा। ईरान के मुल्ला ब्रिगेड को ढूंढो, पहचानो और उनका खात्मा करो। भले ही इस वक्त ईरान में शांति हो मगर बीते दिनों ईरान में जो कुछ हुआ उसे देख ईरान के सुप्रीम लीडर खैमिनाई का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
इसका अंदाजा आप ईरान पुलिस के प्रमुख अहमद रेजा रदन के इस बयान से लगा सकते हैं। दंगे में जो भी प्रदर्शनकारी शामिल थे, वह 3 दिन में सरेंडर कर दें। वरना सरकार और पुलिस कानून के तहत सख्त कारवाई करेगी। एक-एक दंगाई का चुन-चकर हिसाब होगा। भले ही ईरान पुलिस के चीफ प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दे रहे हो, 72 घंटे में सरेंडर करने का फरमान सुना रहे हो, लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान में अब भी प्रदर्शनकारियों का कत्लेआम जारी है। खामनेई की सरकार चुन-चुनकर दंगाई से हिसाब कर रही है। दरअसल ईरान में अब तक 5000 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 28 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं 500 सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं।
यह वो आंकड़े हैं जिन्हें ईरान सरकार खुद मान रही है। लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान में मरने वालों की तादाद 12,000 से 15,000 तक हो सकती है। क्योंकि ईरानी सरकार ने 24,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में आशंका इस बात की भी जताई जा रही है कि खैमई सरकार इन प्रदर्शनकारियों से भी हिसाब चुकता कर सकती है। मतलब यह कि ईरान की एंटी मुल्ला ब्रिगेड के खात्मे का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।