By अभिनय आकाश | Jul 17, 2025
राष्ट्रीय राजधानी में 17 और 18 जुलाई को 10 से ज़्यादा जगहों पर बड़े पैमाने पर एंटी टेरर ड्रिल आयोजित किए जाएँगे। यह अभ्यास आतंकवादी हमले की स्थिति में प्रतिक्रिया तंत्र को मज़बूत करने के लिए अंतर-एजेंसी प्रयासों का एक हिस्सा है। दिल्ली पुलिस कई अन्य हितधारक एजेंसियों के सहयोग से समन्वित मॉक ड्रिल का आयोजन करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का आकलन करना, वास्तविक समय में समन्वय का परीक्षण करना और संभावित आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए समग्र तैयारी को मज़बूत करना है। दिल्ली पुलिस सहित अनेक हितधारक एजेंसियां इसमें भाग लेंगी तथा अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया को प्रमाणित करेंगी।
अभ्यास के दौरान कुछ क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रतिबंधित हो सकती है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि व्यवधान न्यूनतम और नियंत्रित होंगे। जहाँ भी आवश्यकता होगी, घोषणाएँ और सलाह पहले ही जारी कर दी जाएँगी। भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के कुछ हफ़्ते बाद, आपातकालीन तैयारियों का परीक्षण करने के लिए मई में देश भर में 250 से अधिक स्थानों पर आखिरी मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। अभ्यास मुख्य रूप से हवाई हमले के सायरन और ब्लैकआउट जैसी स्थितियों में पहली प्रतिक्रिया के अभ्यास और प्रशिक्षण पर केंद्रित था। मई में ये अभ्यास ऐसे समय में किए गए थे जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। 1971 के बाद ये अपनी तरह के पहले अभ्यास थे।