By अनन्या मिश्रा | Oct 01, 2025
सीडीसी के मुताबिक इसको नाईट मेयर बैक्टीरिया इसलिए नाम दिया गया है। क्योंकि यह तीन गुना अधिक खतरा पैदा करता है। इस बैक्टीरिया के खिलाफ एंटीबायोटिक्स भी काम नहीं करता है। बल्कि इसमें मृत्यु दर भी अधिक होती है। इसके साथ ही इनमें एस्चेरिचिया कोलाई जैसे अन्य जीवाणुओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को फैलाने की भी क्षमता पाई जाती है। जिससे ई. कोलाई एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट के प्रति भी प्रतिरोधी हो जाता है।
शोधकर्ताओं की मानें, तो इसकी वृद्धि की वजह एनडीएम जीन यानी कि न्यू डेल्ही मेटालो-β-लैक्टामेज वाले दवा प्रतिरोध बैक्टीरिया हैं। कभी एनडीएम जीन वाले बैक्टीरिया को विदेशी माना जाता था और यह सिर्फ कुछ ही मरीजों से जुड़े थे। वह भी अधिकतर अमेरिका के बाहर, लेकिन अब यह अमेरिका के आम लोगों में भी धीरे-धीरे फैल रहा है।
हालांकि अच्छी खबर यह है कि हेल्थ सेवा पेशेवरों, चिकित्सकों, सीडीसी के स्वास्थ्य सेवा प्रमुखों और स्वास्थ्य सेवा विभागों में इसको लेकर काफी ज्यादा सतर्कता है और हर कोई अलर्ट भी है। इसलिए प्रयास किया जा रहा है कि इन बैक्टीरिया को पूरी तरह से पहनने के लिए और इनसे लड़ने के लिए सफल ट्रीटमेंट की खोज की जा सके।