By अंकित सिंह | Jun 16, 2026
हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई ने 21 जून को होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के री-टेस्ट से कुछ दिन पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा। NEET — जो देश भर में होने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा है — का री-टेस्ट 21 जून को होना है। केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर पेपर लीक और गड़बड़ियों के कारण 3 मई को हुई मूल परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी, जिसके एक महीने से ज़्यादा समय बाद यह री-टेस्ट हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि हाँ, आपने सही पढ़ा। लेकिन ये किसी हाई-लेवल, क्लासिफाइड, मिलिट्री-ग्रेड सॉफ्टवेयर को खरीदने की व्यवस्था नहीं है। ये व्यवस्थाएँ शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून 2026 को होने वाले NEET के दोबारा टेस्ट के लिए की हैं। अन्नामलाई ने तर्क दिया कि इन उपायों से छात्रों पर पहले से ही बढ़ रहे परीक्षा के दबाव में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बैठने से पहले जांच-पड़ताल का दायरा बढ़ना, तलाशी की प्रक्रिया लंबी होना और परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करना - ये सभी कदम छात्रों पर परीक्षा के पहले से ही बढ़ते दबाव को और बढ़ाएंगे।
उन्होंने लिखा कि हालांकि सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए हैं जो उन्होंने युवा छात्रों पर परीक्षा से ठीक पहले डाला है। छात्र इस परीक्षा की तैयारी में महीनों लगाते हैं, लेकिन इन उपायों से हमारी परीक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य और NEP 2020 का 'परीक्षा का तनाव' कम करने का लक्ष्य ही खत्म हो जाता है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।