सपा का पारिवारिक गढ़ मैनपुरी बन सकता है 'पारिवारिक जंग' का केंद्र, डिंपल को टक्कर देने उतर सकती हैं अपर्णा

By नीरज कुमार दुबे | Nov 11, 2022

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई उनकी लोकसभा सीट मैनपुरी में उपचुनाव कराये जाने की घोषणा हो चुकी है। मुलायम परिवार का गढ़ माने जाने वाली इस सीट से समाजवादी पार्टी ने अपने अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव की उम्मीदवारी का ऐलान किया तो माना गया कि यह सीट आराम से सपा के खाते में चली जायेगी लेकिन अब यह पारिवारिक गढ़ पारिवारिक युद्ध का मैदान भी बनने जा रहा है क्योंकि ऐसी संभावना है कि भाजपा यहां से मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को उम्मीदवार बना सकती है। इस बात की अटकलें तब तेज हो गयीं जब अपर्णा यादव ने भाजपा की उत्तर प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी से लखनऊ में मुलाकात की।

जहां तक अपर्णा यादव की बात है तो वह मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी से उनके बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। वह 2017 का उत्तर प्रदेश विधनसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ी थीं लेकिन भाजपा उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी ने उन्हें हरा दिया था।

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वैसे आपको बता दें कि राजनीतिक गलियारों में इस सीट के लिए यादव परिवार की अगली पीढ़ी के तेज प्रताप यादव का नाम पार्टी के संभावित उम्मीदवार के रूप में चल रहा था लेकिन अंतिम फैसला डिंपल के नाम पर हुआ। मैनपुरी सीट से डिंपल की उम्मीदवारी को पार्टी संरक्षक व ससुर मुलायम सिंह यादव की विरासत को आगे बढ़ाने के सपा के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इसे सपा कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश भी मानी जा रही है। अखिलेश की करहल विधानसभा सीट मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

इस उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल यादव की भूमिका को लेकर राजनीतिक गलियारों में जोरदार बहस चल रही है। मार्च में उप्र विधानसभा चुनाव में शिवपाल ने सपा के निशान पर ही जसवंतनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत गये। लेकिन चुनाव के बाद उन्हें पार्टी की बैठक के लिए नहीं बुलाया गया। शिवपाल ने राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा की पसंद द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था और कई मौकों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीब भी उन्हें देखा गया। संभावना थी कि बीते तीन नवंबर को गोला गोकर्णनाथ उपचुनाव के लिए चाचा-भतीजे सपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब देखना होगा कि मैनपुरी में वह किसका समर्थन करेंगे। फिलहाल पांच दिसंबर को होने वाले मतदान को लेकर भाजपा और सपा ने अपनी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। 

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