न्यायालय ने कुछ मामलों में ऑनलाइन याचिका दायर करने को अनिवार्य बनाने को कहा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 17, 2021

नयी दिल्ली| उच्चतम न्यायालय ने न्यायपालिका के डिजिटलीकरण की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए देश के सभी उच्च न्यायालयों से उनके समक्ष कुछ निश्चित मामलों में दायर होने वाली याचिकाओं को अगले साल एक जनवरी से ई-फाइलिंग (ऑनलाइन दाखिल करना) अनिवार्य करने को कहा।

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इस पत्र को कोविड-19 महामारी के दौरान न्यायपालिका की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किए जाने के बीच अदालतों को तकनीक से और अधिक लैस किए जाने के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।

उच्च न्यायालयों को लिखे गए पत्र के मुताबिक, ई-फाइलिंग को उन सभी मामलों के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिन्हें उच्च न्यायालय द्वारा उपयुक्त पाया जाता है, जैसे राजस्व, कर, मध्यस्थता, वाणिज्यिक विवाद और किसी भी अन्य श्रेणी को लेकर।

पत्र में कहा गया कि धन वसूली के वाद, चेक बाउंस की शिकायतें, भरण-पोषण के लिए आवेदन, आपसी सहमति से तलाक के लिए याचिका और जमानत संबंधी आवेदनों को भी अनिवार्य ई-फाइलिंग के तहत विचार किया जा सकता है।

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