By अनन्या मिश्रा | Oct 15, 2026
आज ही के दिन यानी की 15 अक्तूबर को भारत के 11वें राष्ट्रपति व मिसाइलमैन के नाम से मशहूर एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म हुआ था। डॉ कलाम को भारत के मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने जब देश के सर्वोच्च पद यानी 11वें राष्ट्रपति की शपथ ली थी, तो हर एक वैज्ञानिक का सिर फख्र से ऊंचा हो गया था। वह एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे थे। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
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अब्दुल कलाम के परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अखबार बेचने का काम किया। उन्होंने साल 1950 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक किया। फिर उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिये भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दाखिला लिया। साल 1962 में अब्दुल कलाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आए। यहां पर काम करते हुए उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ अब्दुल कलाम ने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में भी काम किया है। उनको 'पीपुल्स प्रेसिडेंट' कहा गया। इसके अलावा उन्होंने भारत के दो प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान संगठनों- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी कि इसरो के साथ काम किया। डॉ कलाम के नेतृत्व में अग्नि मिसाइल और पृथ्वी मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। उनकी देखरेख में साल 1998 में पोखरण में भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया था।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को भारत सरकार द्वारा कई पुरस्कारों से नवाजा गया। साल 1981 में भारत सरकार ने डॉ कलाम को पद्म भूषण, साल 1990 में पद्म विभूषण और साल 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। वह भारत रत्न पाने वाले देश के तीसरे राष्ट्रपति थे।
वहीं 27 जुलाई 2015 को शिलांग के आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का निधन हो गया।