भाजपा को मिला अनुप्रिया का साथ तो अखिलेश के साथ आईं मां कृष्णा, समझिए किस पर कौन पड़ सकता है भारी ?
By अनुराग गुप्ता | Nov 25, 2021
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी लगातार खुद को मजबूत करने के लिए नए-नए समीकरण बना रहे हैं। भाजपा ने जहां अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (सोनेवाल) के साथ हाथ मिलाया है तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा के साथ गठबंधन किया है। अखिलेश यादव ने पहले ही साफ कर दिया था कि वो इस बार का चुनाव क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर लड़ेंगे और इसके लिए वो लगातार छोटे दलों के साथ बातचीत कर रहे हैं।
9 फीसदी वोट बदलते हैं किस्मत
आपको बता दें कि बहुजन नायक कांशीराम के सहयोगी रहे सोनेलाल पटेल ने अपना दल का गठन किया था और वो पूर्वांचल में मौजूद कुर्मी समुदाय के लोकप्रिय नेता थे। लेकिन उनके निधन के बाद बेटी अनुप्रिया पटेल मां कृष्णा पटेल को पार्टी को मजबूत करने में मदद करती रहीं। उत्तर प्रदेश के 6 फीसदी कुर्मी वोटबैंक का प्रतिनिधित्व अनुप्रिया पटेल और कृष्णा पटेल दोनों ही करती हैं। लेकिन विगत वर्षों की तरफ देखें तो अनुप्रिया पटेल को कामयाबी भी मिली है और कृष्णा पटेल कुछ भी नहीं कर पाईं हैं। कृष्णा पटेल को तो कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सीटें दी थीं। जिसमें से एक पर कृष्णा खुद लड़ी थीं। हालांकि अपना दल कोई भी सीट जीत पाने में कामयाब नहीं हो पाईं।