By Ankit Jaiswal | Sep 03, 2026
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास के बाद पूरे देश में उनके सम्मान का सिलसिला शुरू हो गया है। आठ बार के बैलन डी’ओर विजेता मेसी ने 2026 विश्व कप फाइनल के बाद राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला किया था। हालांकि, उन्होंने दुनिया के सामने इसकी आधिकारिक घोषणा कुछ समय बाद की। अब अर्जेंटीना फुटबॉल संघ ने अपने पूर्व कप्तान के सम्मान में खास कार्यक्रम की तैयारी की है।
मेसी के सम्मान की शुरुआत भी हो चुकी है। बोका जूनियर्स और वेलेस के बीच खेले गए मुकाबले को 10वें मिनट में रोक दिया गया। स्टेडियम में मौजूद दर्शक अपनी सीटों से खड़े हो गए और तालियों के साथ अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी को सम्मान दिया। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग मैदानों पर भी इसी तरह मेसी के योगदान को याद किया जाएगा।
गौरतलब है कि मेसी ने अर्जेंटीना को लंबे इंतजार के बाद बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलताएं दिलाईं। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2022 का विश्व कप जीता और कोपा अमेरिका की कई ट्रॉफियां अपने नाम कीं। इससे पहले मेसी को राष्ट्रीय टीम के साथ लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने अपनी टीम को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की सबसे बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने भी मेसी के संन्यास को राष्ट्रीय टीम के लिए बड़ा नुकसान बताया है। रेडियो एल ऑब्जर्वाडोर से बातचीत में माइली ने कहा कि मेसी का जाना अर्जेंटीना के लिए बड़ी क्षति है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि खिलाड़ी का फैसला पूरी तरह समझ में आता है। उन्होंने मेसी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह देश को बहुत सारी जादुई यादें देकर गए हैं।
मेसी का अंतरराष्ट्रीय सफर 2005 में वरिष्ठ टीम के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया। उन्होंने 203 मुकाबलों में 124 गोल किए। विश्व कप में उनका सफर 2006 से 2026 तक छह संस्करणों में फैला रहा। इस दौरान उन्होंने 34 मुकाबलों में 21 गोल किए।
2026 विश्व कप में भी मेसी का प्रभाव कम नहीं हुआ। उन्होंने आठ गोल करने के साथ चार गोल में सहायता की। इसी दौरान उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ विश्व कप में अपना पहला तिहरा गोल भी किया। वह विश्व कप में गोल करने के मामले में जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे से आगे निकल गए थे, लेकिन बाद में फ्रांस के किलियन एमबापे ने उन्हें पीछे छोड़ दिया।
मेसी के संन्यास के बाद अर्जेंटीना के सामने अब उनकी जगह भरने की बड़ी चुनौती है। लेकिन दो दशक के उनके योगदान, विश्व कप जीत और राष्ट्रीय टीम को दिलाई गई सफलताओं के कारण उनकी विरासत लंबे समय तक अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास का अहम हिस्सा बनी रहेगी और प्रशंसक उन्हें हमेशा महान खिलाड़ियों में गिनते रहेंगे।