By अनन्या मिश्रा | Aug 05, 2026
मेकअप में आईलाइनर को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। बल्कि अगर आई लाइनर सही तरीके से नहीं लगा होता है, तो इससे पूरा मेकअप खराब नजर आता है। आपका आई लाइनर आंखों की शेप तक बदल सकता है। इसलिए जरूरी है कि यह सही से दोनों आंखों में बराबर लगा हो। लेकिन इसको सही तरह से लगाने की समझ न होने की वजह से अक्सर यह बिगड़ जाता है। लाइनर लगाते समय कुछ लोगों के हाथ ज्यादा कांपते हैं या आंखें बार-बार बंद होती है। इस वजह से भी आई लाइनर बिगड़ जाता है।
बता दें कि मार्केट में कई तरह के आईलाइनर आते हैं, जैसे- लिक्विड और जेल आदि। आपको अपनी जरूरत के हिसाब से आईलाइनर चुनना चाहिए।
इससे शार्प और बोल्ड लाइन सफाई से बनती हैं। अगर आपको पार्टी के लिए रेडी होना है, तो यह आईलाइनर आपके काम का है।
अगर आप लाइनर लगाने में नए हैं और आपका हाथ कांपता है, तो पेन आईलाइनर आपके काम आएगा।
जेल आईलाइनर स्मूद तरीके से लगता है और अगर आप लाइनर को स्मज करके लगाना चाहते हैं। तो जेल आई लाइनर आपकी मदद करेगा। इससे स्मोकी लाइनर वाला लुक अच्छे से मिल पाता है।
रोजाना इस्तेमा करने या वॉटर लाइन पर लगाने के लिए पेंसिल आईलाइनर बेहतर है।
आई लाइनर अप्लाई करते समय अपनी आंखों के साइज का भी ध्यान रखना चाहिए। ऐसा न करने से आपकी आंखें आई लाइनर लगाने के बाद थोड़ा अजीब नजर आ सकती हैं। शायद आपने अक्सर कुछ लोगों को कहते सुना होगा कि उन पर लाइनर सूट नहीं करता है। क्योंकि वह अपनी आंखों की साइज को ध्यान में रखकर लाइनर नहीं लगाती हैं।
पतला लाइनर अप्लाई करें।
आंखों को खुली रहकर विंग बनाएं।
लैश लाइन के ऊपर लाइनर को मोटा न रखें।
आई लाइनर कॉर्नर पर अधिक लगाएं, जिससे कि आंखों को लंबाई मिले।
बाहर की ओर लंबा विंग बनाएं और इसको इनर कॉर्नर पर भी लगाएं।
स्मज आई लाइनर लगाएं।
अंदर की ओर पतला और बाहर की ओर लाइनर को मोटा रखें।
बाहरी कॉर्नर पर लाइनर को ऊपर की तरफ उठाते हुए लगाएं।
विंग को ज्यादा लंबा न रखें।
नीचे की ओर काजल या लाइनर लगाने से बचना चाहिए।
इसमें हर तरह का आई लाइनर अच्छा लगता है।
लाइनर लगाने के लिए अपने हाथ को स्थिर रखें।
लाइनर लगाने के लिए जरूरी है कि आपका हाथ न कांपें। क्योंकि हाथ हिलेगा तो लाइनर का शेप बिगड़ सकता है। इसलिए लाइनर लगाने के लिए कोहनी को टेबल पर टिकाकर रखें। अपनी छोटी उंगली को गाल पर हल्का सा रखें। जिससे कि हाथ को सहारा मिले, इससे आपका हाथ कम हिलेगा।
आंखों के बाहरी कॉर्नर से लाइनर लगाना शुरू करें। लैश लाइन से जोड़ते हुए छोटी सी लाइन आइब्रो के आखिरी सिरे की तरफ इमेजिनरी लाइन को ध्यान में रखकर बनाएं।
जहां पर आपने लाइनर रोका है, वहां से सीधी लाइन अंदर की ओर लैश लाइन से जोड़ते हुए बनाएं।
फिर विंग आकार में मिल जाएगा। फिर इस आकार को बची से भर दें और लैश लाइन पर मनचाही मोटाई का लाइनर लगाएं। इसको विंग से जोड़ दें।
आई लाइनर लगाने से पहले मस्कारा न लगाएं।
एक ही स्ट्रोक में आई लाइनर न लगाएं।
अगर आप नई हैं, तो पहले डॉट बना लें, जिससे कि लाइनर लगाने की गाइड मिल जाए। एक डॉट विंग के लिए, ऊपर नीचे आंख के बाहरी कॉर्नर पर दो डॉट, यह लाइनर की चौड़ाई तय करेंगी। इसको थोड़ा नीचे रखें, जिससे कि लाइनर स्मूद करने पर मोटा न करें।
आंखों में अंदर की ओर लाइनर मोटा न बनाएं।
बॉटल से लाइनर लेते समय उसको पहले वहां लगाएं, जहां पर आपको लाइनर मोटा रखना है।
आई लाइनर को बाहर से अंदर की तरफ लगाएं। इसके बाद इनर कॉर्नर से पतली लाइन बनाते समय इससे जोड़ दें।
उंगली की सहायता से आंखों को थोड़ा ऊपर उठाएं। जिससे कि लेश लाइन अच्छे से नजर आएं और लाइनर लगने के बाद लैश लाइन खाली न दिखे।
अगर आईलाइनर खराब हो जाए, तो इयर बड में मॉश्चराइजर या माइसेलर वॉटर लगाकर सिर्फ उतना ही पोंछें, जितना जरूरत है। फिर इसको सही कर लें।
आई लाइनर अगर ऊपर की तरफ लग जाए, तो इसको पहले अच्छे से सूख जाने दें। फिर सूखी हुई इयर बड से आसानी से इसको साफ कर दें।
लाइनर लगाने के साथ आंखों की सेफ्टी का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए भरोसेमंद ब्रांड से लाइनर खरीदें। लाइनर की एक्सपायरी डेट का ख्याल रखें।
अगर आपकी आंखें सेंसिटिव हैं, तो लेबल में सेंसिटिव आई या ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट टेस्टेड देखें। अगर लाइपर का टेक्सचर या महक बदल जाए, तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।