Argentina की हार और Spain का दबदबा: Rodri बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट,

By Ankit Jaiswal | Jul 20, 2026

स्पेन ने आखिरकार एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए पुरुष फुटबॉल विश्व कप के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और अपने अनुशासित खेल के दम पर अर्जेंटीना को वापसी का मौका नहीं दिया।

बता दें कि अर्जेंटीना के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी तीसरी बार गोल्डन बॉल जीतने की उम्मीद लेकर मैदान में उतरे थे। इससे पहले वह दो बार यह सम्मान जीत चुके हैं और ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। 39 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि इस बार उन्हें गोल्डन बॉल नहीं मिल सकी और वह सिल्वर बॉल तक ही सीमित रहे। वहीं फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को ब्रॉन्ज बॉल से सम्मानित किया गया।

पुरस्कार मिलने के बाद रोड्री ने कहा कि यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उनके अनुसार उन्होंने इस तरह की सफलता की उम्मीद नहीं की थी, लेकिन पूरी टीम ने मिलकर असंभव को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियन बनना फुटबॉल की सबसे कठिन उपलब्धियों में से एक है और अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को हराकर यह सफलता और भी खास बन गई है।

गौरतलब है कि रोड्री लगभग दो वर्ष पहले दाहिने घुटने के गंभीर चोट का शिकार हुए थे, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से दूर रहना पड़ा। मौजूद जानकारी के अनुसार उन्होंने कठिन दौर से वापसी करते हुए पहले वर्ष 2024 का बैलन डी ओर पुरस्कार जीता और अब विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने का सम्मान भी हासिल कर लिया। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विश्व कप, यूरोपीय चैम्पियंस लीग और बैलन डी ओर तीनों बड़े सम्मान अपने नाम किए हैं।

वहीं गोलकीपर उनाई सिमोन ने पूरे टूर्नामेंट में आठ मुकाबलों में केवल एक गोल खाया और सात मैचों में विपक्षी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड भी रहा। सिमोन ने अपनी सफलता का श्रेय पूरी टीम की मजबूत रक्षापंक्ति को देते हुए कहा कि विश्व कप जीतने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ संयम बनाए रखना टीम की सबसे बड़ी ताकत रही है।

दूसरी ओर फ्रांस भले ही चौथे स्थान पर रहा, लेकिन किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और चार गोल कराने वाले पास देकर सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का सम्मान यानी गोल्डन बूट अपने नाम किया। वहीं मेसी ने आठ गोल और चार गोल कराने वाले पास दिए, हालांकि फाइनल मुकाबले में वह लगातार 12 विश्व कप मैचों के बाद पहली बार न तो गोल कर सके और न ही किसी गोल में योगदान दे सके। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के लिए बेहद अहम रहा हैं।

प्रमुख खबरें

Delhi Police ने Swatantra Bhardwaj पर SC ST Act और POCSO की धाराएं लगाईं

Madanpur Khadar Dairy Firing मामले में भूपेन्द्र गिरफ्तार

Delhi के मदनपुर खादर में डेयरी पर Firing मामले में आरोपी भूपेन्द्र गिरफ्तार

Rajasthan में निकाय चुनाव को लेकर BL Santhosh ने BJP कार्यकर्ताओं को दिए जीत के मंत्र