By अंकित सिंह | Apr 16, 2026
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक के साथ-साथ संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू की। इससे पहले मेघवाल ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को पारित करने के प्रस्ताव पर प्रक्रिया नियमों के नियम 66 के प्रावधान को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, क्योंकि ये विधेयक संविधान संशोधन विधेयक, 2026 पर निर्भर हैं। सदन में मतदान के बाद यह प्रस्ताव पारित हो गया। अध्यक्ष द्वारा घोषित किए गए मतों के अनुसार, 251 सदस्यों ने इसके पक्ष में और 185 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया।
उन्होंने 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि आज उस ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने सरकार की सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सरकार के पास नीयत और नीति है और साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में सशक्त नेतृत्व है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक को लागू करने से महिलाओं को राजनीतिक न्याय मिलेगा। मेघवाल ने कहा कि लोकसभा में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने का प्रावधान है और ऐसे में सीटों की संख्या बढ़कर 815 हो जाएगी।
उन्होंने विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। मंत्री का कहना था कि जो ताकत जिस राज्य की है, वो अभी रहेगी। मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल के महिला आरक्षण से संबंधित एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कलाम के सपने को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संशोधन के पारित होने से भारत विकसित देश बनेगा।