जम्मू-कश्मीर में सीमा पर सेना और अंदरूनी इलाकों में चप्पे-चप्पे पर बनी हुई है पुलिस की नजर

By नीरज कुमार दुबे | Jul 04, 2024

जम्मू-कश्मीर में सीमा पर सेना की और अंदरूनी इलाकों में पुलिस बल की चप्पे-चप्पे पर नजर बनी हुई है ताकि सुरक्षा के हालात को कोई बिगाड़ने नहीं पाये। हम आपको बता दें कि थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा स्थिति का जायज़ा लिया है और सैनिकों से सभी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए दृढ़ रहने का आह्वान किया। हम आपको बता दें कि तीस जून को 30वें सेना प्रमुख के तौर पर पदभार संभालने के बाद यह जम्मू क्षेत्र की उनकी पहली यात्रा थी। अमरनाथ यात्रा और विशेषकर पहाड़ी जिलों समेत विभिन्न जगहों पर आतंकवाद रोधी अभियान के मद्देनजर उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने बताया कि सेना प्रमुख बुधवार सुबह जम्मू पहुंचे और नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति व अभियानगत तैयारियों की समीक्षा के लिए सीमावर्ती जिले पुंछ रवाना हुए।

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अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने कहा, “कमांडरों ने उन्हें अभियानगत तैयारियों के बारे में जानकारी दी। सेना प्रमुख ने कामकाज के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए सभी कर्मियों की सराहना की और उन्हें सभी मौजूदा व उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने को लेकर दृढ़ रहने के लिए प्रेरित किया।” एडीजीपीआई ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पुंछ क्षेत्र के उन वीरों के अभिभावकों से बातचीत की जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे दी। सेना प्रमुख ने भूतपूर्व सैनिकों से भी मुलाकात की और उन्हें भारतीय सेना की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।''

पुलिस की तैयारी

वहीं जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षा बलों का पूर्ण नियंत्रण है। स्वैन ने बताया कि तीन-चार साल पहले की तुलना में लोगों के बीच डर के माहौल में कमी आई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर में अब कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी बेहतर है जैसा कि लोकसभा चुनावों के सफल आयोजन से स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''सच्चाई यह है कि अब भी कानून प्रवर्तन और सुरक्षा बलों का नियंत्रण है और (जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में) उनका पलड़ा भारी है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए (आतंकवादी तंत्र पर) दबाव बनाए रखा जा रहा है।'' स्वैन ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से निपटने के लिए पुलिस द्वारा अपनाई गई मौजूदा नीति की पुरजोर वकालत करते हुए बताया कि अगर वे (पुलिसबल) केंद्र शासित प्रदेश में नागरिकों, सुरक्षा बलों की जान बचा रहे हैं तो वे पूरी तरह से सफल हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को लगभग एक हजार नये पुलिसकर्मियों के बल में शामिल होने से क्षेत्र में घुसपैठ रोधी और आतंकवाद रोधी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त इन पुलिसकर्मियों को बल में शामिल कर सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।

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