Prabhasakshi NewsRoom: 4 और जवान शहीद...अब आतंकवाद की निंदा करने से काम नहीं चलेगा, दुश्मन को उसकी भाषा में जवाब देना होगा

By नीरज कुमार दुबे | Jul 16, 2024

जम्मू क्षेत्र में बढ़ती आतंकी गतिविधियां देश के लिए चिंता का सबब बनती जा रही हैं। खासकर जिस तरह हाल के आतंकी हमलों और मुठभेड़ों में आम नागरिकों और जवानों की जान गयी है उससे सरकार के उन दावों पर सवाल उठे हैं जिसके तहत कहा जा रहा था कि जम्मू-कश्मीर अब पूरी तरह शांत है। सवाल उठता है कि कहीं जम्मू-कश्मीर के हालात से पूरी तरह संतुष्ट होकर सुरक्षा बलों की संख्या तो नहीं घटा दी गयी थी? सवाल यह भी उठता है कि कश्मीर घाटी की अपेक्षा जम्मू में सुरक्षा बलों की कम तैनाती का फायदा तो आतंकी नहीं उठा रहे हैं? देखा जाये तो पाकिस्तान को हमने अलग-थलग करने का दावा किया लेकिन उसे सीमा पार से भारत में आतंक फैलाने की नीति से नहीं हटा पाये। इसलिए अब सिर्फ आतंकवाद की निंदा करने से काम नहीं चलने वाला। समय आ गया है कि दुश्मन को उसकी भाषा में ही जवाब दिया जाये। दुश्मन को जवाब देने के साथ ही उसकी मदद कर रहे उन लोगों को भी सजा दी जानी चाहिए जोकि भारत में रहते हैं, यहीं का खाते हैं और अपनी ही मिट्टी तथा वतन से गद्दारी करते हैं।

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इस बीच, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डोडा जिले में आतंकवाद रोधी अभियान के बारे में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी। रक्षा मंत्री के कार्यालय ने बताया कि उन्होंने मंगलवार सुबह जनरल द्विवेदी से बात की। राजनाथ सिंह के कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से आज सुबह बात की। सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को डोडा में जमीनी स्थिति और आतंकवाद विरोधी अभियान के बारे में जानकारी दी।''

जहां तक इस मामले को लेकर आ रही प्रतिक्रियाओं की बात है तो आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट किया, "डोडा जिले में हमारी सेना के जवानों और जेकेपी कर्मियों पर हुए कायरतापूर्ण हमले के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है। हमारे राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि। शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। हम अपने सैनिकों की मौत का बदला लेंगे और आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के नापाक मंसूबों को विफल कर देंगे।"

वहीं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, "मेरे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में डोडा जिले के डेसा क्षेत्र में सशस्त्र मुठभेड़ की खबरों से बहुत परेशान हूं। हमारे बहादुरों की शहादत पर शोक व्यक्त करने और निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। हम सभी मिलकर दुश्मन के नापाक मंसूबों को हराएं और, शांति और सद्भाव बनाए रखें जिसके लिए डोडा हमेशा से जाना जाता है।"

उधर, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सात माह में छह आतंकी हमले सरकार के तमाम दावों को ख़ारिज करते हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि देश अब जवाब चाहता है। पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘सुबह-सुबह जम्मू-कश्मीर में एक और आतंकी हमले की बुरी खबर मिली। चार बहादुर जवान और एक अधिकारी शहीद हो गये।'' उन्होंने कहा, ‘‘सात महीनों में छह आतंकी हमले सरकार के तमाम दावों को खारिज करते हैं। देश जवाब चाहता है। सिर्फ नारों से देश नहीं चला करते।''

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