स्पेशल फोर्सेज के प्रशिक्षण के दौरान शहीद हुए फरीदाबाद के लाल मोहित कुमार, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

By रेनू तिवारी | Apr 21, 2026

फरीदाबाद: जिले के साहूपुरा गांव में सोमवार का सूरज गम और गर्व की मिली-जुली भावनाओं के साथ उतरा। भारतीय सेना के 'स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल' में प्रशिक्षण के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले 26 वर्षीय जांबाज सैनिक मोहित कुमार का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मोहित कुमार हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित बकलोह सैन्य छावनी में प्रतिष्ठित 'स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल' में कठिन प्रशिक्षण ले रहे थे। 18 अप्रैल को मुक्केबाजी (Boxing) के अभ्यास के दौरान उनके कान के पास सिर में गंभीर चोट लग गई थी।

उन्होंने बताया कि दिवंगत सैनिक मोहित कुमार की चिता को उनके बड़े भाई ने अग्नि दी। सैनिक की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। साहूपुरा गांव के निवासी मोहित कुमार 18 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित बकलोह सैन्य छावनी में ‘स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल’ में मुक्केबाजी का अभ्यास कर रहे थे। अभ्यास के दौरान उनके कान के पास सिर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए बकलोह के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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हालांकि, इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और रविवार को उनका निधन हो गया। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, बल्लभगढ़ से विधायक मूलचंद शर्मा और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने मोहित के परिवार को संवेदना व्यक्त की।

एक अपूरणीय क्षति

महज 26 वर्ष की आयु में मोहित कुमार का जाना न केवल उनके परिवार बल्कि भारतीय सेना और हरियाणा राज्य के लिए एक बड़ी क्षति है। स्पेशल फोर्सेज जैसे कठिन विंग के लिए चुना जाना ही उनकी योग्यता और साहस का प्रमाण था। साहूपुरा गांव आज अपने बेटे के बलिदान पर आंसू बहा रहा है, लेकिन साथ ही उसे इस बात का गर्व भी है कि मोहित ने देश की सेवा की राह में खुद को समर्पित कर दिया। 

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