By अंकित सिंह | Jul 03, 2026
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोप रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे गाड़ियों को नुकसान हो रहा है और ईंधन की क्षमता (माइलेज) भी कम हो रही है। X पर एक वीडियो पोस्ट शेयर करते हुए केजरीवाल ने कहा कि 20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर जनता में काफी गुस्सा है। 30 जून को केंद्र सरकार ने अटॉर्नी जनरल के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह सिर्फ़ एक प्रयोग है और आगे की कार्रवाई इसके नतीजों पर निर्भर करेगी। जब यह बात मीडिया और अख़बारों में आई, तो केंद्र सरकार पूरी तरह से पीछे हट गई। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ कभी नहीं कहा और यह झूठ है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर लोग इसका विरोध कर रहे हैं, तो आप इसे उन पर क्यों थोप रहे हैं? आप इसे वापस क्यों नहीं ले रहे हैं? जनता ने ही आपको वोट दिया है। उनके वोट का सम्मान करना और उनकी बात सुनना आपका कर्तव्य है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की योजना की घोषणा की और जनता से सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने जा रहा हूं। आप सभी कृपया मुझे डीएम करें और टिप्पणी करके बताएं कि मुझे पत्र में क्या लिखना चाहिए।
AAP नेता की ये टिप्पणियाँ E20 पेट्रोल का गाड़ियों पर पड़ने वाले असर को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद आईं। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी इस हफ़्ते की शुरुआत में केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बिना पर्याप्त सबूत, सार्वजनिक सलाह-मशविरे या आम सहमति के इथेनॉल-मिश्रित ईंधन पेश करके 3.6 करोड़ भारतीयों को एक प्रयोग का हिस्सा बना दिया है। खड़गे ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की दलीलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि सरकार ने माना है कि वह अभी भी इथेनॉल मिलाने के असर का आकलन कर रही है, जबकि उसने बिना पर्याप्त सार्वजनिक सलाह-मशविरे या आम सहमति के ही यह नीति लागू कर दी है।
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