By अभिनय आकाश | Sep 30, 2026
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के हाईजैक होने की खबर पूरी तरह महज एक अफवाह और गलतफहमी साबित हुई है। असल में दुबई से तेल अवीव जा रहे इस विमान में किसी आतंकी या बाहरी तत्व ने कब्जा नहीं किया था, बल्कि कॉकपिट के भीतर दोनों पायलटों के बीच हुए गंभीर विवाद और हाथापाई के दौरान अनजाने में एविएशन का हाईजैक कोड (Squawk 7500) ट्रांसमिट हो गया था, जिसके चलते मिडिल ईस्ट में पहले से जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच इज़राइली वायुसेना ने तुरंत फाइटर जेट्स तैनात कर दिए और हड़कंप मच गया, हालांकि स्थिति साफ होते ही विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित डायवर्ट कर लैंड करा लिया गया और सभी यात्री व क्रू पूरी तरह सुरक्षित हैं।
1) दुबई-तेल अवीव उड़ान (FZ1073) ने शुरू में डिस्ट्रेस कोड 7700 भेजा, जो आम इमरजेंसी का सिग्नल है। कुछ सेकंड बाद, इसने कोड 7500 भेजा, जो संभावित हाईजैकिंग का संकेत देता है।
2) फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि विमान दो मिनट से कुछ ज़्यादा समय में 34,000 फ़ीट से लगभग 16,600 फ़ीट यानी 17,400 फ़ीट नीचे उतरा।
3) शुरुआती जांच और रिपोर्ट से पता चलता है कि कॉकपिट में पायलट और को-पायलट के बीच झगड़े के कारण डिस्ट्रेस सिग्नल (आपातकालीन संकेत) एक्टिवेट हुआ। चाकू मारने की घटना में शामिल पायलट के खाड़ी देशों में से किसी एक का होने का शक है।
4) इज़राइल की एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में चश्मदीदों के हवाले से कहा गया है कि एक पायलट ने अनियंत्रित व्यवहार किया और आत्महत्या की धमकी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, एक इज़राइली यात्री कॉकपिट में घुसा और "अनियंत्रित" पायलट को काबू करने में को-पायलट की मदद की।
5) एक और रिपोर्ट में बताया गया है कि झगड़ा तब शुरू हुआ जब एक पायलट ने विमान को ज़मीन की तरफ़ मोड़कर उसे क्रैश करने की कोशिश की। चश्मदीदों के हवाले से कहा गया है कि दूसरे पायलट ने यात्रियों की मदद से उसे काबू में कर लिया।
6) एक यात्री, मिरियम ने बताया कि उसने कॉकपिट से चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनी। जब केबिन का दरवाज़ा खोला गया, तो उसने देखा कि एक पायलट घायल हालत में पड़ा था और उसके हाथ में एक फोल्डिंग चाकू था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कहा कि "हर तरफ़ खून" फैला हुआ था।
7) इज़राइल अब इस घटना को पूरी तरह से "आतंकवादी हमला" मान रहा है। इज़राइली एनालिस्ट और मशहूर पत्रकार अमित सेगल ने दावा किया कि को-पायलट ने कैप्टन पर कई बार चाकू से हमला किया। हंगामे के बीच, यात्री कॉकपिट में घुसने और को-पायलट को काबू करने में कामयाब रहे।
8) सऊदी अरब में इज़राइल जाने वाली फ़्लाइट की लैंडिंग, उस देश में इज़राइलियों के आने का एक दुर्लभ मौका था। सऊदी अरब के इज़राइल के साथ कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।