Prabhasakshi NewsRoom: US Airbase पर हमला नहीं झेल पाये Trump, Irani Missile Attack होते ही Netanyahu को मिलाया फोन और करा दिया युद्धविराम

By नीरज कुमार दुबे | Jun 24, 2025

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोनों युद्धरत देशों के बीच "पूर्ण और संपूर्ण" युद्धविराम की घोषणा के तुरंत बाद, ईरान से एक ताज़ा मिसाइल हमला दक्षिणी इज़राइल के एक रिहायशी इमारत पर हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। यही नहीं, इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची ने यहां तक कह दिया कि इज़राइल के साथ अब तक किसी भी युद्धविराम या सैन्य अभियानों की समाप्ति पर "कोई समझौता" नहीं हुआ है जिससे सवाल उठे हैं कि जब दोनों संघर्षरत देश ही संघर्षविराम की पुष्टि नहीं कर रहे तो ट्रंप किस आधार पर घोषणा कर रहे हैं। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी कहा है कि यदि इज़राइल अपनी "गैरकानूनी आक्रामकता" को अब रोक देता है तो ईरान अपनी प्रतिक्रिया को जारी रखने का कोई इरादा नहीं रखता। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट साझा करते हुए कहा कि "युद्धविराम अब लागू हो चुका है। कृपया इसका उल्लंघन न करें!''

हम आपको यह भी बता दें कि बीती रात मध्य पूर्व में घटनाक्रम तेजी से बदला है। 22 जून को अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर अपने B-2 बॉम्बर से हमला करने के बाद, ईरान ने सोमवार रात कतर स्थित अमेरिका के अल उदैद एयर बेस पर जवाबी हमले किए। इस घटना के बाद कई खाड़ी देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने छह मिसाइलें दागीं, जिससे दोहा में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं।

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12-दिवसीय युद्ध के अब तक के घटनाक्रम पर नजर डालें तो आपको बता दें कि संघर्ष की शुरुआत 13 जून 2025 को इज़राइल द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं (फ़ोर्डो, नतान्ज़, इस्फ़हान) पर एयरस्ट्राइक से हुई। 22 जून को अमेरिका ने भी B-2 बॉम्बर और सबमरीन-मिसाइल के माध्यम से "Operation Midnight Hammer" नामक हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी अल-उदैद एयर बेस (क़तर) पर छह मिसाइल दागीं—लेकिन क़तर व अमेरिका ने बताया कि सभी मिसाइल इंटरसेप्ट किए गए और किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। ईरान ने अल-उदैद एयर बेस पर मिसाइल हमले को "Operation Glad Tidings of Victory" कहा और तेहरान की सड़कों पर निकल कर लोगों ने जश्न भी मनाया।

इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान पूरी स्थिति का आकलन किया और 23–24 जून की मध्यरात्रि “पूर्ण एवं संपूर्ण” युद्धविराम की घोषणा की, जिसमें कहा गया कि यह घोषणा के छह घंटे बाद लागू हो जायेगा। हम आपको यह भी बता दें कि युद्धविराम की घोषणा से पहले ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ लंबी बातचीत की थी। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह युद्धविराम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नेतन्याहू और ईरानी अधिकारियों के साथ अलग-अलग वार्ताओं के माध्यम से तय किया गया। इस दौरान इज़राइल ने सहमति जताई कि अगर ईरान कोई नया हमला नहीं करता, तो वे भी सैन्य कार्रवाई रोक देंगे। वार्ता के दौरान ईरान ने भी संकेत दिया कि अब आगे कोई हमला नहीं होगा। इस वार्ता में ट्रंप के साथ उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और यूएस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ शामिल थे। ये वार्ताएं प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से ईरानी प्रतिनिधियों के साथ की गईं। बताया जा रहा है कि क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने भी तेहरान से बातचीत कर उनकी सहमति प्राप्त की।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किये जाने के बाद जब ईरान ने क़तर में स्थित अमेरिकी अल-उदैद एयरबेस पर मिसाइलें दागीं तो इसके बाद ट्रंप ने अपने स्टाफ से कहा, "फोन लगाओ ईरानियों को... मुझे बिबी (नेतन्याहू) से बात करनी है। हम शांति बनाएंगे।" हम आपको बता दें कि इससे पहले भी ट्रंप की टीम ने संघर्ष शुरू होने से पहले पाँच दौर की बातचीत ईरान के साथ की थी, लेकिन वे इस शर्त पर टूट गईं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने को तैयार नहीं था। हालांकि, जैसे ही हालात बदले और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई हुई, ट्रंप नई रणनीति बनाते हुए दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर ले आये। बहरहाल, इस समय के हालात को देखें तो हालांकि युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय विश्लेषक इसे नाजुक और अस्थायी मान रहे हैं क्योंकि इजराइल और ईरान के बीच तनाव बरकरार है।

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