By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर 27 मई के उस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है जिसमें बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने संबंधी निर्वाचन आयोग के अधिकार को बरकरार रखा गया था। उच्चतम न्यायालय ने 27 मई को निर्वाचन आयोग के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के अधिकार को बरकरार रखते हुए कहा था कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनावों के संवैधानिक दायित्व में ‘‘जान फूंकती है।’’ प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा था कि एसआईआर प्रक्रिया ‘‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक अनिवार्यता को आगे बढ़ाती है।’’ ओवैसी ने फैसले पर पुनर्विचार किये जाने का अनुरोध करते हुए मंगलवार को वकील जफीर अहमद के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा, ‘‘अदालत 27 मई, 2026 को सुनाए गए फैसले और अंतिम आदेश को वापस ले तथा इससे जुड़े अन्य मामलों पर भी पुनर्विचार करे।’’ इसमें कहा गया है कि यह पुनर्विचार याचिका बाद में सामने आई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियों के कारण दायर की गई है, जिनसे निर्वाचन आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा होता है। याचिका में कहा गया है, ‘‘इन तथ्यों से उन वैधानिक सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन को लेकर भी गंभीर सवाल उठते हैं, जिनके आधार पर इस माननीय न्यायालय ने एसआईआर को बरकरार रखा था।” ओवैसी ने निर्वाचन आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित नयी और महत्वपूर्ण जानकारियों का हवाला दिया है।
उनकी पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष ने ही मूल याचिका दायर की थी।