विज्ञापनों में AI के इस्तेमाल पर ASCI सख्त, Deepfake रोकने को जारी किए नए Draft Guidelines

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 12, 2026

भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने विज्ञापनों में कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार सामग्री के जिम्मेदार चिह्नांकन (लेबलिंग) के लिए मंगलवार को ?दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया जिसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जोखिम-आधारित ढांचे का प्रस्ताव किया गया है। एएससीआई ने कहा कि ये दिशानिर्देश सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2026 के अनुरूप हैं और इन पर 13 जून तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

इनमें फर्जी तारीफ, उत्पाद के परिणामों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना, डीपफेक का उपयोग या बिना अनुमति किसी व्यक्ति की छवि अथवा कॉपीराइट सामग्री का उपयोग शामिल है। ऐसे विज्ञापनों को एआई चिह्न होने के बावजूद आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। मध्यम जोखिम वाले विज्ञापनों में एआई का उपयोग उपभोक्ता के निर्णय को प्रभावित कर सकता है लिहाजा एआई-निर्मित सामग्री का उल्लेख न करना भ्रामक हो सकता है।

ऐसे मामलों में लेबल लगाना अनिवार्य होगा। इसमें वर्चुअल या कृत्रिम रूप से तैयार इन्फ्लूएंसर, ब्रांड एम्बैसडर या किसी व्यक्ति की छवि अथवा आवाज का उपयोग (भले ही उसकी सहमति हो) शामिल है। कम जोखिम वाले विज्ञापनों में एआई का उपयोग मामूली स्तर पर होता है और इससे उपभोक्ता के निर्णय पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता। इसमें सामान्य संपादन, रंग सुधार, प्रकाश व्यवस्था में छोटे बदलाव या सजावटी पृष्ठभूमि जैसे उपयोग शामिल हैं। इनके लिए एआई निर्मित चिह्न की जरूरत नहीं होगी।

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