कोरोना वायरस की वजह से एस्कॉट की भारत में विस्तार की योजना पर असर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 17, 2020

चेन्नई। सिंगापुर की कंपनी एस्कॉट की भारत में विस्तार की योजना कोरोना वायरस महामारी की वजह से प्रभावित हुई है। कंपनी सर्विस्ड रेजिडेंस उपलब्ध कराती है। यह ऐसी श्रेणी में जिमसें लोगों को थोड़े या अधिक समय तक ठहरने के लिए होटल जैसी सुविधाओं के साथ आवास उपलब्ध कराया जाता है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा मानसून भी आने वाला है, जिसकी वजह से उसे अपनी विस्तार की योजना को आगे बढ़ाना पड़ेगा। अधिकारी ने कहा कि कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते लोगों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दी है। लोग थोड़े समय के लिए ठहरने या समूह में घूमने-फिरने के लिए बाहर नहीं निकल रहे हैं।

कंपनी के भारत सहित 30 देशों में सर्विस्ड रेजिडेंस और होटल हैं। कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक पश्चिम एशिया, पूर्वी अफ्रीका, तुर्की और भारत विन्सेंट मिकोलिस ने पीटीआई-से कहा, ‘‘हमारी मौजूदा परियोजनाओं के निर्माण में श्रमबल और परियोजना टीम की कमी की वजह से देरी हो रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के आगमन की वजह से कंपनी की विस्तार योजना और प्रभावित होगी। एस्कॉट की फिलहाल परिचालन वाली 70,000 इकाइयां है। इसके अलावा 700 संपत्तियों में करीब 44,000 इकाइयां विकास के चरण में हैं।

इसे भी पढ़ें: अमेरिका से बाहर विनिर्माण करने वाली कंपनियों से टैक्स लेंगे डोनाल्ड ट्रंप

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी की कई परियोजनाएं निर्माण के चरण में हैं। गुरुग्राम की दो परियोजनाएं इसी साल शुरू होंगी। वहीं गोवा में दो परियोजनाओं में से एक 2021 में और दूसरी 2022 में शुरू होगी। कोरोना वायरस की वजह से सामने आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च से मई, 2020 चेन्नई की दोनों संपत्तियों में 3,100 बुकिंग रद्द हुई हैं।

प्रमुख खबरें

Team India के मुख्य कोच पर Gary Kirsten का बड़ा बयान, कहा- Gautam Gambhir के नतीजे उनकी क्षमता का सबूत हैं

Galle Test: टीम इंडिया के सामने Playing 11 की पहेली, 3 स्पिनर या पेसर्स पर कोच Morne Morkel का बड़ा बयान

Tata Sons में बड़े बदलाव की आहट: Noel Tata के नेतृत्व में नए चेयरमैन की तलाश, Chandrasekaran ने छोड़ी कुर्सी

Oracle Job Cut: एआई में अरबों के निवेश के बीच ओरेकल में छंटनी की तैयारी, Double-Digit प्रतिशत तक कम होंगे कर्मचारी