By अंकित सिंह | Apr 26, 2025
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि हिंदुओं को दुकानदारों से कुछ भी खरीदने से पहले उनका धर्म पूछना चाहिए। यह विवादास्पद टिप्पणी पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में आई है। भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए, जिनमें से ज़्यादातर दूसरे राज्यों के पर्यटक थे। बचे हुए कुछ लोगों के अनुसार, आतंकवादियों ने पुरुष पर्यटकों को गोली मारने से पहले उनका नाम और धर्म पूछा। बचे हुए लोगों ने यह भी बताया कि आतंकवादियों ने कुछ पर्यटकों से 'कलमा' पढ़ने को कहा और जो ऐसा करने में विफल रहे, उन्हें गोली मार दी गई।
उन्होंने भीड़ से कहा, "जब भी आप खरीदारी करने जाएं, तो उनका धर्म पूछें। अगर वे कहते हैं कि वे हिंदू हैं, तो उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहें। अगर वे हनुमान चालीसा का पाठ करना नहीं जानते हैं, तो उनसे कुछ भी न खरीदें।" औरंगजेब का जिक्र करते हुए श्री राणे ने कहा कि मुगल बादशाह ने अपने पिता और भाई को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा, "औरंगजेब को देखिए। उसने अपने पिता और भाई का भी सम्मान नहीं किया। अगर उसने अपने पिता और भाई का सम्मान नहीं किया, तो वे आप लोगों का कैसे सम्मान कर सकते हैं?"
उनके बयान पर महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने कहा कि वह ऐसे ही नफरत भरे भाषण देते रहते हैं। मेरे हिसाब से उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री देश बनाने का काम कर रहे हैं, लेकिन नितेश राणे देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं। कभी कहते हैं, किसी से कुछ मत खरीदो तो कभी कुछ और कहते हैं। आदिल ने पर्यटकों को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। कश्मीरी मुसलमान देश के साथ हैं। देखा जाए तो पहली बार देश के मुसलमान पाकिस्तान से इतने नाराज हैं। हर मस्जिद, हर मदरसे से पाकिस्तान को कोसा जा रहा है, तो ऐसा पहली बार हुआ है। पूरा मुस्लिम समुदाय देश के प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है।