By रेनू तिवारी | Jun 29, 2026
असम के धेमाजी जिले में बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। संकट की इस घड़ी में असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपने सभी संसाधन झोंक दिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुँचाने के साथ-साथ उनके दीर्घकालिक पुनर्वास (Long-term Rehabilitation) के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस बीच, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने बताया कि भारी कटाव से एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल परिचालन अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।
शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से मैं लगातार हालात पर नजर रखे हुए हूं। इस आपदा से लोगों के जीवन पर पड़े असर से हमें गहरा दुख है और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित सभी परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी संसाधन जुटा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को धेमाजी में रहकर पूरे राहत कार्य की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
धेमाजी में कैम्प करेंगे दो कैबिनेट मंत्री
राहत और बचाव कार्यों में कोई ढिलाई न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। उन्होंने कैबिनेट के दो प्रमुख मंत्रियों को धेमाजी में ही रहकर जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालने के निर्देश दिए हैं:
सुशांत बोरगोहेन (जल संसाधन मंत्री)
केशब महंत (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री)
ये दोनों मंत्री धेमाजी में ही कैंप करेंगे और अपनी देखरेख में पूरे राहत एवं बचाव अभियान (Rescue Operations) की निगरानी करेंगे ताकि प्रत्येक पीड़ित तक मदद समय पर पहुँच सके।