By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 25, 2026
असम के गोलाघाट जिले में 14 किसानों के सामूहिक प्रयास से शुरू हुआ एक संगठन अब करीब 1,500 सदस्यों वाले समुदाय-आधारित समूह में बदल चुका है। यह समूह जैविक उत्पादों की आपूर्ति विदेशी बाजारों में भी करता है और इस संगठन को इस वर्ष असम सरकार के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है। किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) पदुमपाथर एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड को शुक्रवार को घोषित ‘असम गौरव पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है।
जैविक खेती और इसकी व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ने के साथ इस सोसाइटी का विस्तार हुआ और इसमें लगभग 50 सदस्य शामिल हो गए जो करीब 50 एकड़ जमीन पर खेती करते थे। विश्वकर्मा ने बताया कि 24 अगस्त, 2017 को पदुमपाथर एग्रो ऑर्गेनिक प्रोड्यूसर्स कंपनी लिमिटेड का पंजीकरण एक बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने बताया कि कंपनी के उत्पाद भारत के करीब 17 राज्यों के बाजारों तक पहुंचे हैं।
इसके अलावा दुबई और सऊदी अरब में भी इनका निर्यात किया जाता है। इसकी स्थापना केंद्र सरकार के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य शृंखला विकास मिशन (एमओवीसीडीएनईआर) से जुड़ी थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैविक उत्पादन को बढ़ावा देना, मूल्य शृंखला विकसित करना और क्षेत्र के किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाना है।
उन्होंने कहा कि कंपनी अदरक, हल्दी और असम नींबू जैसे कृषि उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करती है। इसके तहत स्थानीय उपज का व्यावसायिक मूल्य बढ़ाने के लिए खेती के साथ प्रसंस्करण और विपणन का काम भी किया जाता है। कंपनी के अध्यक्ष अंजल लिम्बू ने कहा कि कच्चे कृषि उत्पाद बेचने के अलावा कंपनी ने कुछ उत्पादों को पाउडर में बदलने और बिक्री के लिए उनकी पैकेजिंग करने जैसी मूल्यवर्धन गतिविधियां भी शुरू की हैं।
कंपनी के अध्यक्ष ने सम्मान के लिए राज्य सरकार का आभार जताया और कहा कि यह सम्मान किसानों के प्रयासों तथा एक दशक से अधिक समय से की जा रही उनकी कड़ी मेहनत की पहचान है। लिम्बू ने कहा, ‘‘यह सम्मान हमें किसान नेटवर्क को और मजबूत करने, उत्पादों की विविधता बढ़ाने, प्रसंस्करण और विपणन क्षमताओं में सुधार करने तथा बाजार के नए अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’’