शत्रु बाधा से हैं परेशान? Mahashivratri 2026 पर करें ये Special उपाय, खुल जाएगी आपकी किस्मत

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 14, 2026

कल यानी 15 फरवरी, रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में मनाया जाएगा। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन शिव भक्त उपवास रखते हैं, पूजा-पाठ और जल अभिषेक शिवलिंग पर करते हैं। भक्त जन शिव मंदिर जाते हैं और भगवान शिव की उपासना करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन क्या आप भी चाहते हैं अपने शुत्रओं पर विजय पाना। ज्योतिष शास्त्र में शुत्र का नाश किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का कर्म नहीं है। इसका सीधा मतलब होता है कि,  ईर्ष्या, षड्यंत्र, बाधा, नकारात्मक प्रभाव और शत्रु-भाव का शांत करना होता है। बता दें कि, भगवान शिव इस प्रक्रिया में संहारक नहीं, शुद्धिकर्ता हैं। शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली वस्तुएं हमारी ऊर्जा को स्थिर, सुरक्षित और विजयी बनाती हैं।

महाशिवरात्रि 2026 को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि इस अवधि में कुंभ राशि में कई ग्रहों का संयोग बन रहा है जिसे ज्योतिष में स्टेलियम कहा जाता है। कुंभ राशि सामूहिक चेतना छिपे हुए विरोधियों तथा मानसिक और सामाजिक संघर्षों का संकेत मानी जाती है। ऐसे ग्रहयोग के समय भगवान शिव की उपासना आंतरिक शक्ति प्रदान करने के साथ बाहरी बाधाओं से भी संरक्षण देती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से नकारात्मक शक्तियां और शत्रु दूर होने लगते हैं तथा जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। आइए आपको बताते हैं शिवलिंग पर कौन-सी 4 चीजें अर्पित करें।


पीली सरसों


महाशविरात्रि के दिन पीली सरसों को शिवलिंग पर चढ़ाने से बुद्धि, धर्मबल और निर्णय-शक्ति मजबूत बनती है। इस उपाय के करने से व्यक्ति को खुले विरोधियों से ऊपर उठाता है और प्रतिस्पर्धा में साफ बढ़त देता है। कुंभ स्टेलियम के दौरान जब विचारों और अफवाहों के जरिए टकराव बढ़ते हैं, तब पीली सरसों मन को स्थिर रखती है और शत्रु की रणनीति को निष्प्रभावी करती है। यदि आप जल के साथ अर्पित करें, तो पीली सरसों आपकी ऊर्जा को शांत, लेकिन ताकतवार बनाती है।


काली सरसों


इस दिन आप काली सरसों शिवलिंग पर अर्पित करने पर छुपे शत्रु, नजर और रहस्यमय बाधाएं शांत होती हैं। यह शनि और अग्नि तत्व का संयोजन होता है, जो नकारात्मक प्रभाव को जड़ से काटने का कार्य करता है। इस बार महाशिवरात्रि के कुंभ स्टेलियम में जब गुप्त विरोध, ऑनलाइन या परोक्ष हमले सक्रिय हो सकते हैं, तब काली सरसों सुरक्षा-कवच की तरह काम करती है। आपको बता दें कि, उपाय धीरे-धीरे शत्रु के प्रभाव को कमजोर करता है और आपके कर्म-पथ को साफ करता है।


शहद 


शिवलिंग पर शहद चढ़ाने का विशेष महत्व माना जाता है। यह वाणी की मधुरता, संबंधों की मजबूती और सम्मान की रक्षा से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि यह उपाय आपसी टकराव को शांत कर समाधान की दिशा में ले जाता है। जब कुंभ की ऊर्जा के प्रभाव से गलतफहमियां और शब्दों के कारण विवाद बढ़ते हैं तब शहद कटुता को दूर कर मधुरता का संचार करता है। शहद से अभिषेक करने से कानूनी मामलों, मानहानि या झूठे आरोपों जैसी परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने और सकारात्मक परिणाम पाने में सहायता मिलती है।


धतूरा


भगवान शंकर को धतूरा काफी प्रिय है। धतूरा तीव्र, विषैली और आक्रामक नकारात्मक शक्तियों को शांत करता है। यदि शत्रु-भाव ज्यादा गहरा हो, भय या ऊर्जा-ह्रास लगातार बना रहे, तब धतूरा शिवलिंग पर अर्पित करने से आंतरिक शक्ति का पुनर्जागरण होता है। महाशिवरात्रि 2026 में कुंभ स्टेलियम के कारण सामूहिक और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। धतूरा इस दवाब को भगवान शिव की कृपा से भस्म करता है और साधक निर्भय बन जाता है। 


महाशिवरात्रि 2026 और कुंभ स्टेलियम 


कुंभ राशि में बन रहा ग्रहों का विशेष संयोग संकेत देता है कि इस साल विरोधी सीधे मुकाबले से अधिक परोक्ष रूप से, विचारों, संपर्कों और मानसिक स्तर पर सक्रिय रह सकते हैं। ऐसे समय में शिवलिंग पर उचित सामग्री अर्पित करना केवल धार्मिक उपाय नहीं, बल्कि अपनी ऊर्जा को संतुलित और सकारात्मक दिशा में स्थापित करने का माध्यम माना जाता है। जब व्यक्ति की आंतरिक ऊर्जा स्थिर और सशक्त होती है, तब विरोधी कमजोर पड़ने लगते हैं और नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है।

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