Hormuz में हमलों से Crude Oil में लगी आग, US-Iran तनाव से भारत की भी बढ़ी टेंशन।

By Ankit Jaiswal | Jul 08, 2026

वैश्विक तेल बाजार में आई शांति ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। बुधवार सुबह एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा होर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा और कारोबार की शुरुआत में ही कीमतों में करीब तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि यह उछाल उस समय आया जब अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार यह कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के जवाब में की गई है। गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है और वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित करता है।

मौजूद जानकारी के अनुसार हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था, जिसके बाद होर्मुज़ स्ट्रेट को दोबारा सामान्य रूप से खोलने पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के तहत अमेरिका ने कुछ समय के लिए ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में राहत दी थी। हालांकि अब जहाजों पर हमलों और सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी अनुमति वापस ले ली है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।

बता दें कि संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र, जो मध्य पूर्व में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है, ने बताया कि एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस ले जाने वाला जहाज, एक विशाल तेल टैंकर और एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ है। कतर ने आरोप लगाया है कि उसके तरलीकृत प्राकृतिक गैस वाले जहाज अल रेकय्यात पर भी हमला किया गया। बताया गया कि एक मानवरहित विमान के हमले के कारण जहाज के इंजन कक्ष में आग लग गई, हालांकि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और उन्हें बाहर निकाला जा रहा है।

वहीं समाचार एजेंसी के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार ओमान तट के पास सऊदी अरब के झंडे वाले विशाल तेल टैंकर वेदयान को भी नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं के बाद संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र ने होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए खतरे का स्तर "गंभीर" घोषित कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि इस क्षेत्र में आगे भी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की आशंका बनी हुई है।

गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद अहम मार्ग है। यदि यहां लंबे समय तक तनाव बना रहता है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर पेट्रोल, डीजल, परिवहन लागत और महंगाई पर भी पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बढ़ती तेल कीमतों का सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

प्रमुख खबरें

India vs New Zealand सीरीज में DRS के तहत पहली बार होगा Sonic तकनीक का इस्तेमाल

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बड़ी बैठक : ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और दिल्ली रैली की बनेगी रणनीति

Asian Para Games 2026 | भारत की सुवर्णा राज ने महिलाओं की चक्का फेंक (Discus Throw) एफ54 स्पर्धा में रचा इतिहास, जीता स्वर्णिम पदक

Asian Para Games: थुलासिमथी और नितेश पैरा बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे