ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट में पहली बार दो मुस्लिम बने मंत्री, कुरान हाथ में लेकर ली पद की शपथ

By अभिनय आकाश | Jun 04, 2022

ऑस्ट्रेलिया में एक मुस्लिम महिला ने कुरान को हाथ में लेकर शपथ ली है। हाथ में कुरान लेकर शपथ लेने वाली महिला मुस्लिम महिला का नाम ऐनी एली बताया गया है। ऑस्ट्रेलिया की नई सरकार के 23 मंत्रियों ने शपथ लिया। जिसमें दस महिलाएं शामिल हैं। गवर्नर-जनरल डेविड हर्ले द्वारा राजधानी कैनबरा में आयोजित समारोह में नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के नेतृत्व में इन मंत्रियों का शपथ ग्रहण मध्यमार्गी-वामपंथी लेबर पार्टी की निवर्तमान रूढ़िवादी पार्टियों पर चुनावी जीत के 11 दिन बाद हुआ। ऑस्ट्रेलिया के कैबिनेट में मुस्लिमों को पहली बार जगह देते हुए ऐनी एली और एड ह्यूसिक को मंत्रीपद दिया गया है। 

ह्यूसिक ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में पहले मुस्लिम उद्योग और विज्ञान मंत्री बने हैं. एली को सरकार में बच्चों की शिक्षा और युवा मंत्री बनाया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि पहली महिला मुस्लिम मंत्री ऐनी एली ने हाथ में कुरान लेकर शपथ ली। राजनीति में आने से पहले एली पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। वो पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया से सांसद चुनी गई हैं। ऐनी अली ने लेबर पार्टी में कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की। इसके बाद वो पार्टी की यूनियन सदस्य बनीं और देश की पहली मुस्लि मंत्री बन गई हैं। 

इसे भी पढ़ें: अमेरिका धार्मिक स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाना जारी रखेगा : ब्लिंकन

नई सरकरा में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

नयी सरकार में नियुक्त 30 मंत्रियों में से लगभग आधी महिलाएं हैं। कैबिनेट की प्रमुख भूमिकाओं में महिलाओं के पास 23 में से 10 विभाग हैं। लेबर पार्टी ने 150 सीटों वाले सदन में बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त सीटें हासिल की हैं। अल्बनीज के मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों के साथ-साथ कुछ ऐसे सांसद भी शामिल हैं, जिन्होंने नौ साल पहले सत्ता में रही पिछली लेबर सरकार में सेवा की थी।  

प्रमुख खबरें

Lieutenant General NS Raja Subramani: भारत के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के बारे में जानें सब कुछ

Rajasthan: विवाह समारोह में मिठाइयां खाने के बाद 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ी

Titan के नतीजों से Stock Market में धूम, Share रॉकेट बना, 35% बढ़ा Profit

Petrol-Diesel पर राहत की बड़ी कीमत, सरकारी Oil Companies को हर महीने ₹30 हजार करोड़ का घाटा