By Ankit Jaiswal | Nov 09, 2025
भारत के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा आत्ममंथन का मौका लेकर आया है। एशिया कप 2025 में 200 की स्ट्राइक रेट से सबसे ज्यादा रन बनाकर विरोधी गेंदबाजों को बेहाल करने वाले अभिषेक को आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने रोकने का रास्ता खोज लिया है। गौरतलब है कि हाल ही में खत्म हुई पांच मैचों की T20 सीरीज में अभिषेक ने 163 रन बनाए, लेकिन उनका खेल पहली बार कमजोरियों के साथ सामने आया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी योजना का मुख्य उद्देश्य था अभिषेक को शॉट खेलने की जगह और समय न देना। जब गेंदबाजों ने उनके शरीर पर बॉल फेंकी और गति में विविधता लाई, तब उनकी फ्लैट बैट स्विंग काम नहीं आई। यह भी देखा गया कि जब पिच धीमी हो गई और गेंद स्पिन लेने लगी, तब उनकी आक्रामक शैली थोड़ी सीमित हो गई। गोल्ड कोस्ट पर एडम ज़म्पा ने उन्हें 28 रनों पर आउट कर इस कमजोरी को और उजागर किया।
दरअसल, अभिषेक की सबसे बड़ी ताकत उनका आक्रामक स्वभाव है, लेकिन वही कभी-कभी कमजोरी बन जाती है। वे मुश्किल वक्त में भी स्ट्राइक रेट कम नहीं करते और गेंदबाजों पर लगातार हमला करते रहते हैं। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें नियंत्रण में रखने का तरीका खोज लिया है।
गौरतलब है कि अभिषेक शर्मा की गिनती भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में होती है और एशिया कप में उनका प्रदर्शन असाधारण रहा था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की इस रणनीति ने बाकी टीमों को यह बता दिया है कि उन्हें कैसे रोका जा सकता है।
जानकारों का मानना है कि यह उनके करियर का एक अहम मोड़ है। अब अभिषेक के सामने चुनौती यह है कि वे इस नई परीक्षा से कैसे सीखते हैं और अपने खेल में कितनी परिपक्वता लाते हैं। अभी तक उन्होंने यह साबित किया है कि उनमें बड़ी पारी खेलने की क्षमता है, अब उन्हें यह दिखाना होगा कि वे हालात के हिसाब से अपने खेल को ढालने में भी सक्षम हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा बल्लेबाज इस चुनौती का सामना कैसे करता है, क्योंकि टीम इंडिया को आने वाले टी20 विश्व कप से पहले उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।