By Ankit Jaiswal | Apr 29, 2026
इस साल होने वाले विश्व कप में अगर कोई खिलाड़ी विरोधी से बात करते समय अपना मुंह ढकता हुआ पाया जाता है, तो उसे सीधे मैदान से बाहर भेजा जा सकता है। बता दें कि यह कदम खेल में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बताया जा रहा है कि ऐसे मामलों में अब आयोजकों को अधिकार होगा कि वे स्थिति के अनुसार सीधे लाल कार्ड दिखा सकें। इसके अलावा, अगर कोई खिलाड़ी रेफरी के फैसले के विरोध में मैदान छोड़ता है या किसी अधिकारी द्वारा खिलाड़ियों को ऐसा करने के लिए उकसाया जाता है, तो भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित टीम को मैच गंवाना भी पड़ सकता है।
गौरतलब है कि हाल ही में अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल में भी इसी तरह का विवाद देखने को मिला था, जहां एक टीम के खिलाड़ियों ने पेनल्टी दिए जाने के विरोध में मैदान छोड़ दिया था। बाद में इस घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया और मैच के नतीजे तक पर असर पड़ा था।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया नियम खेल में अनुशासन बनाए रखने और अपमानजनक या भेदभावपूर्ण टिप्पणियों को रोकने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। हालांकि, कुछ लोग इसे बहुत सख्त भी मान रहे हैं और उनका कहना है कि इससे खिलाड़ियों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ इस नियम को आने वाले विश्व कप में लागू करने की तैयारी में है और माना जा रहा है कि इससे मैदान पर होने वाले विवादों में कमी आ सकती है और खेल की छवि बेहतर बनेगी।