By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर (भाषा)देश में त्योहारी खरीदारी का मौसम शुरू होने के साथ ही प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनियों ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपना उत्पादन बढ़ा दिया है। इसके साथ ही कंपनियां अपने डीलर नेटवर्क के पास भी का स्टॉक बढ़ा रही हैं। कंपनियों का जोर बुकिंग के अनुरूप समय पर डिलिवरी सुनिश्चित करने और प्रतीक्षा अवधि कम करने पर है।
बनर्जी ने कहा कि कंपनी विभिन्न मॉडल के उत्पादन और आपूर्ति को इस तरह संतुलित कर रही है कि त्योहारी सीजन में किसी खास मॉडल के लिए प्रतीक्षा अवधि अत्यधिक न बढ़े। उन्होंने कहा कि आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को देखते हुए लंबित बुकिंग वाले ग्राहकों के लिए विशेष योजनाएं भी पेश की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वित्त वर्ष की शुरुआत के समय हमारे पास 12 दिन का स्टॉक था।
करीब 2.2 लाख लंबित बुकिंग त्योहारी सीजन से पहले 16 दिन के स्टॉक के बराबर बैठती है।’’ वहीं, हुंदै मोटर इंडिया ने भी त्योहारी मांग को देखते हुए अपने डीलर नेटवर्क में वाहन का स्टॉक बढ़ाया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने बताया कि फिलहाल उसके डीलर नेटवर्क के पास करीब चार से पांच सप्ताह का स्टॉक है। गर्ग ने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में डीलर के पास स्टॉक को मजबूत करने के साथ ही लॉजिस्टिक को बेहतर बनाया है और वाहनों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य मौजूदा बुकिंग को पूरा करने और डीलरशिप पर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के बीच सही संतुलन कायम करना है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी बढ़ती मांग के मद्देनजर अपनी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 68,000 वाहन प्रति माह कर दी है। कंपनी के वाहन प्रभाग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने कहा कि इससे आपूर्ति क्षमता में सुधार हुआ है और विभिन्न मॉडल की प्रतीक्षा अवधि कम करने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि मजबूत उपभोक्ता धारणा, नए मॉडल और आपूर्ति पक्ष में किए गए सुधारों को देखते हुए कंपनी को इस त्योहारी सीजन में मजबूत मांग को बिक्री में बदलने का भरोसा है। देश में नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दिवाली का समय यात्री वाहन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान वाहन कंपनियां और डीलर अधिक से अधिक ग्राहकों को डिलिवरी देने की कोशिश करते हैं।
इस बार कंपनियों के सामने चुनौती केवल मांग पूरी करने की नहीं, बल्कि बुकिंग के अनुरूप समय पर वाहन उपलब्ध कराने की भी है। उत्पादन बढ़ने और डीलर स्टॉक मजबूत होने से ग्राहकों को बेहतर उपलब्धता मिलने की उम्मीद है।