Aviation Media Reporting Guidelines नहीं होगी जारी! मद्रास उच्च न्यायालय ने मानदंड तय करने संबंधी याचिका खारिज की

By रेनू तिवारी | Aug 01, 2025

पिछले काफी समय से लगातार विमानों में तकनीकी खराबी देखी जा रही है। इसी के चलते विमानों की कई बार आपातकालीन लैंडिग की जाती रही है। पिछले काफी समय से एयरलाइंस की लापरवाही के कारण आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ये तो थी आम जनता की परेशानी की बात... सबसे बड़ी बात की अहमदाबाद एयर इंडिया का जो हादसा हुआ वह रूह कंपा देने वाला था। 270 लोगों की जान चली लगी और एयरलाइंट कंपनियां किसी भी तरह से अपना पल्लू झाड़ने में लगी हुई है। जब लगातार इस तरह की लापरवाही के बारे में मीडिया में दिखाया जाने लगा तो इस पर भी लगाम लगाने की आवाजें उठी। लेकिन इस तरह की लगाम लगाने वाली याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

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 याचिका में क्या कहा गया? 

अपनी याचिका में प्रवीण ने कहा था कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि विमानन दुर्घटनाओं के बाद समाचार मीडिया, सोशल मीडिया मंच और डिजिटल माध्यमों पर अकसर असत्यापित सामग्री प्रकाशित की जाती है, जिसमें पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पायलटों पर दोष मढ़ा जाता है।

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इसमें कहा गया था कि यह प्रथा न केवल उनकी प्रतिष्ठा और करियर की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनकी व्यक्तिगत गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक उदाहरण अहमदाबाद विमान दुर्घटना का है, जिसमें जांच लंबित रहने तक विमान के चालक दल को दोषी ठहराने की अटकलें लगाने वाली मीडिया रिपोर्ट व्यापक रूप से प्रसारित की गई। अहमदाबाद विमान दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी।

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