By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026
1990 का वो दौर राम मंदिर आंदोलन के दौरान एक नारा लगाया जाता था- अयोध्या तो झांकी है, अभी काशी मथुरा बाकी है। ये नारे अभी तक लोगों को याद हैं। लेकिन इस वक्त इस नारे का संदर्भ बदल चुका है। वजह है मंदिर के चढ़ावे में लूट के आरोप। अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी की जांच अभी चल ही रही है और अब चर्चा शुरू हो गई है कि मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी इसी तरह से चढ़ावे की चोरी की जाती है। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित घोटालों के बीच मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की जांच की मांग की गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह मामले के पक्षकार दिनेश शर्मा फलाहारी ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए खून से पत्र लिखकर सीएम योगी से सीबीआई जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि जिस तरह अयोध्या का मामला सामने आया है उसी तरह मधुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पिछले कई वर्षों से चढ़ावे का बंदरबांट किया जा रहा है। बता दें शाही ईदगाह प्रकरण के बाद सुर्खियों में आए फलाहारी कई बार खून से पत्र लिखकर सीएम योगी को भेज चुके है।
दिनेश ने सीएम योगी से अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हमारे हिंदुओं के गौरव माननीय मुख्यमंत्री योगी जी को अपने खून से पत्र लिखा है और मांग की है कि जिस प्रकार अयोध्या में चंदे की रकम आभूषणों का घोटाला हो रहा है उसी प्रकार मथुरा में भी हमारे किशन कन्हैया के जन्म स्थान श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी कई वर्षों से लगातार चंदे की चोरी हो रही है। जब गुल्लकों को खोला जाता है तो सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। रुपए, आभूषण, सोना, चांदी, हीरे, जवारात सबका बंदर बांट कर लिया जाता है। जो प्रबंधन कमेटी वाले पहले स्कूटर पर आते थे, आज करोड़ों की गाड़ियों में चलते हैं। करोड़ों अरबों के उनके कोठी बंगला फार्म हाउस हैं। उत्तर प्रदेश में नहीं उत्तराखंड में भी इन्होंने जमीनें खरीदी हैं अपने नाम। तो, जिस प्रकार हमारे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यह बहुत ही दुखद है। हमारी माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग है। इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराएं। यदि आप सीबीआई जांच नहीं कराएंगे तो हम माननीय प्रयागराज हाई कोर्ट में एक याचिका लगाएंगे जिसमें मांग करेंगे कि कई वर्षों से अब तक जितना भी हमारे सनातन हिंदुओं की आस्था का जो दान पुण्य है उसको लूटा गया है उस पूरे प्रकरण की हम सीबीआई जांच की मांग करेंगे और हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी आप इस पूरे प्रबंधन को अपने हाथ में ले लीजिए क्योंकि यहां पर जिस प्रकार से घोटाले हो रहे हैं यहां के पुजारियों के आप बयान दर्ज करवा सकते हैं। उन पुजारियों को सब कुछ मालूम है। जिस प्रकार से प्रबंधन कमेटी घोटाला कर रही है। यह बहुत ही दुखद है। दिनेश शर्मा का यह भी कहना है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर पर बनने वाले फूल बंगला और लगाए जाने वाले छप्पन भोग में 70% तक कमीशन लिया जाता है। उन्होंने कहा मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच करवाई जाए। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संपत्तियां खरीद ली हैं। उन्होंने कहा है कि मंदिर के चढ़ावे के रुपए से अस्पताल और स्कूल बनाए जाने चाहिए। अब बात राम मंदिर चंदा चोरी की भी कर लेते हैं।
राम मंदिर में चढ़ावा राशि में करोड़ों की चोरी के आरपों से घिरे राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का कहना है कि वह 1993 में विश्व हिंदू परीषद से जुड़े थे। जिस जमीन की कीमत 50 करोड़ बताई जा रही है, उसे मैंने साल 2008 में खरीदी थी। इसका निर्माण साल 2015-16 में हुआ था। यानी कोर्ट का फैसला आने से पहले ही मेरा मकान बन गया था। मैंने ऑटो चलाकर कमाई की है। टिन्नू ने कहा कि 33 साल से विश्व हिंदू परिषद और राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा, चंपत राय जी का ड्राइवर भी रहा। मंदिर निर्माण शुरू होने पर सेवादार की नौकरी कर रहा हूं, 26 हजार रुपये वेतन मिलता है। रामशंकर यादव की पत्नी पूनम यादव ने भी वायरल विडियो मैं आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़े कुछ लोग उनके पति को फंसाने की साजिश कर रहे हैं। मेरे परिवार पर बिना किसी आधार के चढ़ावा चोरी के आरोप लगा कर मीडिया ट्रायल किया गया। मेरा परिवार 15 दिन से मानसिक तनाव में है। अगर 50 करोड़ रुपये हमारे पास मिलते हैं तो 45 करोड़ रुपये मंदिर को दान कर दूंगी।
करोड़ो के चढ़ावा राशि के गबन के आरोपों की जांच कर रही SIT ने तीसरे दिन भी जांच जारी रखा। बुधवार को जांच टीम सुबह 10 बजे ही मंदिर में प्रवेश कर गई और रात तक जांच चली। मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को काउंटिंग हाल में लगे CCTV कैमरों को खंगाला गया। इसके साथ ही सभी बैंक से जुड़े कर्मचारियों से बारी बारी उनके कार्य और काउंटिंग व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की गई। करीब 60 लोगों से पूछताछ में वे कैसे कार्य करते रहे, इससे बारे में भी जानकारी ली। काउंटिंग के प्रभारी से 2021 से अब तक के रेकॉर्ड को कब्जे में लेकर भी खंगाला, जिसमें रोजाना धनराशि जमा करने के रजिस्टर, वाउचर आदि को कब्जे में लिया।
अयोध्या में राम मंदिर के दान की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, टीम ने दान राशि की गिनती, रेकॉर्ड रखने और मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों से भी सवाल किए। एसआईटी प्रमुख और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस तथा वित्त विभाग के वेशेष सचिव नील रतन ने अलग-अलग पूछताछ की। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, दान पेटियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। दान में मिली आभूषणों और कीमती धातुओं के भंडारकक्ष का भी निरीक्षण गया। मामले में अब तक तीन शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।