By रेनू तिवारी | Jul 20, 2026
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने शीर्ष अदालत में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश की गई है।
बेंच ने कहा था, "चूंकि कुछ रिट याचिकाओं में यह कहा गया है कि कुछ FIR पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं और मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है, इसलिए हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT को निर्देश देते हैं कि वह इस कोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट पेश करे।"
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा निर्मोही अखाड़ा
जहां एक तरफ इस मामले में जांच चल रही है, वहीं निर्मोही अखाड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है और उसने मांग की है कि राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए क्योंकि इसमें पर्याप्त जवाबदेही का अभाव है। उसने यह भी मांग की है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले को पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए।
निर्मोही अखाड़े के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास, जो ट्रस्ट के सदस्य भी हैं, ने कहा कि अखाड़ा पंचायती व्यवस्था के तहत काम करता है और पंचों का फैसला सभी को स्वीकार्य होगा। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI को बताया, "भगवान राम से जुड़ी सभी चीजें सुचारू रूप से चल रही हैं; धार्मिक पाठ भी जारी हैं। सभी इसमें सहयोग कर रहे हैं। हमें सफलता मिलेगी।"
इस बीच, मामले की जांच जारी है और पुलिस ने मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने टिन्नू के घर से 1 लाख रुपये और मनीष के घर से 2 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया है कि चंपत राय के करीबी सहयोगी टिन्नू और यादव को जांचकर्ता चोरी के मामले में अलग-अलग जगहों पर ले जाएंगे, ताकि चोरी हुए और कैश और कीमती सामान का पता लगाया जा सके।