By अंकित सिंह | Sep 15, 2026
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने घोषणा की है कि राम जन्मभूमि परिसर में राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि अब समिति का मुख्य ध्यान 'इंटरनेशनल रामकथा म्यूज़ियम' (अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय) बनाने पर है। मिश्रा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। अहम समीक्षा बैठकों के बाद उन्होंने कहा कि म्यूज़ियम प्रोजेक्ट के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर मंगाए जाएंगे। इस म्यूज़ियम में तय थीम वाली 20 खास गैलरी होंगी और टेंडर मिलने के छह महीने के भीतर सिविल निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
मंदिर का ढांचा बनकर तैयार हो गया है। इसके लिए पैसों और क्वालिटी से जुड़ी व्यवस्थाओं पर बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि पिछले दो दिनों की बैठक में कंस्ट्रक्शन कंपनियों को पेमेंट करने के साथ-साथ सख्त जवाबदेही और स्वतंत्र समीक्षा लागू करने पर ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों की बैठक में कंस्ट्रक्शन में शामिल कंपनियों को पेमेंट करने पर ध्यान दिया गया। आखिरी पेमेंट किया जा रहा है। कंपनियों को एक बॉन्ड के ज़रिए यह गारंटी देनी होगी कि बनाई गई जगह की क्वालिटी आने वाले सालों में वैसी ही बनी रहेगी। एक और अहम मुद्दा किसी तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) से ऑडिट कराने का था। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) से पेमेंट का ऑडिट करने के लिए कहा गया है।
कॉम्प्लेक्स की बाउंड्री के ढांचे को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए मिश्रा ने उसकी मज़बूती पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी वॉल को लेकर कोई समस्या नहीं है। यह सबसे मज़बूत सिक्योरिटी वॉल है। मिश्रा ने अपनी बात खत्म करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि राम जन्मभूमि परिसर में हो रहे सभी निर्माण कार्यों का मकसद तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि हम यह पक्का करेंगे कि जो कुछ भी बनाया जा रहा है, वह श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर ही बनाया जाए।