Ram Mandir Trust ने मंजूर किया Champat Rai का इस्तीफा, चढ़ावा चोरी रोकने के लिए प्रभावी उपाय किये जाएंगे

By नीरज कुमार दुबे | Jul 06, 2026

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज हुई बैठक में कई अहम फैसले लिये गये। फैसलों की जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने दी। राम जन्मभूमि परिसर के अंदर गेस्ट हाउस में दोपहर तीन बजे से शुरू हुई इस बैठक में मंदिर से चढ़ावा की कथित चोरी की जांच और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाये जाने वाले प्रभावी कदमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। चर्चा के बाद सदस्यों ने चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। साथ ही चढ़ावा चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की योजना भी बनाई गई।

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हम आपको याद दिला दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए गत 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके आठ नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं ने हटाए गए सीसीटीवी फुटेज को भी बरामद किया है, जिसमें कथित तौर पर आरोपी लोग मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय रकम छुपाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, मगर फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है।

हम आपको यह भी बता दें कि इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक से ऐन पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि वह इस घटना से 'बहुत आहत' हैं और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस 'पाप' में शामिल लोगों को 'कड़ी से कड़ी' सजा दिलाएंगे। एक बयान में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने राम मंदिर से चढ़ावा चोरी पर खुद को 'काफी आहत' बताते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों को 'कड़ी से कड़ी सजा' देने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि वे ''हर व्यक्ति को जो भी इस पाप से जुड़ा हुआ है, उसको सजा दिलाएंगे।'' महंत नृत्य गोपाल दास ने यह भी कहा कि यह मामला ''करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है और इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिये।''

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इस बीच, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने आज अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरा-फेरी की स्वतंत्र जांच का आदेश देने के अनुरोध वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इसी मुद्दे पर एक याचिका पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मोहित अशोक द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए इसे निस्तारित कर दिया। याचिकाकर्ता ने राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन की स्वतंत्र जांच कराने और मंदिर के वित्तीय मामले का ऑडिट भारत के नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) से कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया था।

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