Prabhasakshi NewsRoom: Swami Prasad Maurya ने भगवान श्रीराम पर की विवादित टिप्पणी, महंत राजू दास भड़के

By नीरज कुमार दुबे | Jun 27, 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासी और धार्मिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में जहां एक ओर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर तमाम तरह की बयानबाजी भी चल रही है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान श्रीराम पर विवादित बयान दिया है जिस पर संतों ने कड़ी नाराजगी जताई है।

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स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमला बोलते हुए महंत राजू दास ने कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वह अन्य धर्मों पर भी ऐसी टिप्पणी करके दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौर्य केवल सनातन धर्म और हिंदुत्व को निशाना बनाते हैं क्योंकि हिंदू समाज शांत रहता है। राजू दास ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और सरकार को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

हम आपको याद दिला दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य इससे पहले भी सनातन धर्म और हिंदू आस्था पर हमला करते हुए कई विवादित बयान दे चुके हैं। पहले उन्होंने हिंदू धर्म को छलावा बताते हुए कहा था कि यह पिछड़े, दलितों और महिलाओं को दबाने का माध्यम बना हुआ है। इसके अलावा उन्होंने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों पर आपत्ति जताते हुए विवादित बयान दिया था। यही नहीं स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू देवी देवताओं के स्वरूप पर भी सवाल उठाए थे। उनके इन बयानों को लेकर भी संत समाज और हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी तथा उनके खिलाफ कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।

जहां तक राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले की बात है तो आपको बता दें कि अब तक मंदिर प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों के घरों से लगभग अस्सी लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने शुक्रवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन घटनाक्रम ने पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।

हम आपको बता दें कि इस विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में आए पांच करोड़ से साढ़े सात करोड़ रुपये तक की राशि का गबन किया गया है। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे में भारी अनियमितताएं हुई हैं। इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा।

आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तेरह जून को विशेष जांच दल का गठन किया। बताया गया कि यह कदम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उठाया गया था ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। जांच एजेंसियां लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और वित्तीय लेनदेन के कई पहलुओं की जांच की जा रही है।

बहरहाल, राम मंदिर से जुड़ा यह मामला अब केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और धार्मिक बहस का विषय बन चुका है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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