2.50 करोड़ से विकसित होगा अयोध्या का तीन कुंड, जुड़ी है कई पौराणिक मान्यता

By सत्य प्रकाश | Dec 13, 2021

अयोध्या। राम नगरी अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ प्राचीन कुंडों के अस्तित्व को बचाने के लिए संरक्षित किए जाने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग पहले चरण में 2.50 करोड़ से 3 कुंडों के सौंदर्यीकरण का कार्य करेगी जिसमें स्वर्ण खनि, हनुमान कुंड और गणेश कुंड को शामिल किया गया है। अब जल्द ही इस योजना को लेकर पर्यटन विभाग टेंडर प्रक्रिया को पूरा किए जाने के साथ कुंड के जीर्णोद्धार का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।

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अयोध्या स्थित यह तीनों कुंड से जुड़ी है कई पौराणिक मान्यता है। स्वर्णखनि कुंड को लेकर मान्यता है कि यहां महाराज रघुजी के भय से कुबेर ने स्वर्णवृष्टि की थी। यहां स्नान-दान करने से मनुष्य लक्ष्मीवान हो जाता है। नाग पंचमी को कुंड पर मेला लगता है। और इस स्थान पर वार्षिक यात्रा का भी विधान है।स्वर्णखनि कुंड के कुछ ही दूरी पर प्राचीन हनुमानकुंड स्थित है। भाद्र शुक्ल चतुर्दशी को इसकी परिक्रमा करने का विधान है। कुंड के पास हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। गणेश कुंड मणिपर्वत के दक्षिणभाग में स्थित है। जहां पर माघ कृष्ण चतुर्थी को स्नान-पूजन का महत्व है। पूजन में ऊं नम: श्रीगणेशाय इस मंत्र का प्रयोग कर गणेश जी की स्तुति से मनोकामना पूरी होती है।

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