By Ankit Jaiswal | Aug 17, 2026
बेंगलुरु में सोमवार का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए यादगार बन गया। 21 साल के आयुष शेट्टी ने अपनी पहली विश्व चैंपियनशिप में ही बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी शी यूकी को हरा दिया। कर्नाटक के करकला के रहने वाले आयुष ने चीनी खिलाड़ी को 21-14, 13-21, 21-19 से मात देकर अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है।
बता दें कि आयुष के विश्व चैंपियनशिप में उतरने से पहले उनके कोच विमल कुमार ने उन्हें एक खास संदेश दिया था। उन्होंने आयुष से लिखने को कहा था कि 17 अगस्त शी यूकी के लिए खराब दिन होना चाहिए। आयुष ने इस संदेश को सिर्फ कागज पर नहीं छोड़ा और सोमवार को कोर्ट पर उसे सच साबित कर दिया।
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में मौजूद घरेलू दर्शकों ने आयुष का लगातार उत्साह बढ़ाया। छह फुट चार इंच लंबे आयुष ने पहले गेम में अपनी लंबी कद-काठी और तेज स्मैश का शानदार इस्तेमाल किया। हवा के बहाव के विपरीत छोर पर खेलते हुए उन्होंने लगातार जोरदार प्रहार किए और शी यूकी को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। आयुष ने पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया।
हालांकि, दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के छोर बदलने के बाद परिस्थितियां बदल गईं। आयुष कई बार सही जगह पर क्रॉस-कोर्ट शटल नहीं पहुंचा सके और उनके कुछ शॉट बाहर निकल गए। इसका फायदा शी यूकी ने उठाया। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाए और दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक गेम में आयुष ने फिर से नियंत्रण हासिल किया। बेहतर छोर पर लौटने के बाद उनकी लय वापस आई और बड़े स्मैश लगातार अंक में बदलने लगे। उन्होंने शी यूकी को पीछे धकेलते हुए एक के बाद एक विजयी शॉट लगाए। चीन के शीर्ष खिलाड़ी पर दबाव साफ नजर आया और वह अपनी पहचान के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
गौरतलब है कि आयुष शेट्टी अपने आदर्श विक्टर एक्सेलसन से खेल के दौरान धैर्य और संयम सीखने की बात कई बार कह चुके हैं। सोमवार के मुकाबले में भी उनका यही अंदाज नजर आया। उन्होंने सिर्फ ताकत के भरोसे खेलने के बजाय सही समय पर आक्रमण किया और शी यूकी के क्रॉस-कोर्ट स्मैश का सीधा जवाब देकर फिर जोरदार स्मैश लगाए।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अप्रैल में शी यूकी ने आयुष को 21-8, 21-10 से आसानी से हराया था। उस मुकाबले में चीनी खिलाड़ी ने आयुष को ज्यादा जगह और लय बनाने का मौका नहीं दिया था। लेकिन सोमवार को कहानी पूरी तरह अलग रही। अपने पहले विश्व चैंपियनशिप मुकाबले और घरेलू दर्शकों के सामने आयुष ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को दबाव में डालकर मुकाबला जीत लिया। यह जीत भारतीय बैडमिंटन में आयुष के बढ़ते कद का बड़ा संकेत मानी जा रही है।