By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
गोपेश्वर, सात अगस्त उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ मंदिर में दान एवं चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरण में पुलिस ने शुक्रवार को ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) स्थित एक निजी जल विद्युत परियोजना के सुरक्षाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी के आवास से मंदिर में चढ़ायी गई बहुमूल्य धातुओं की वस्तुएं और अन्य सामग्री भी बरामद की गई हैं।
आरोपी ज्योतिर्मठ में जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड कंपनी के लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त था और परियोजना के अधिकारियों, उनके रिश्तेदारों और अतिथियों के वीआईपी दर्शन की जिम्मेदारी निभाने के लिए उसे अक्सर बदरीनाथ मंदिर में भेजा जाता था। आठ जुलाई को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा बदरीनाथ में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायत दी गई थी जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। श्रद्धालुओं की आस्था तथा मंदिर की वित्ताीय पारदर्शिता को देखते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
एसआइटी इस मामले में बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल एवं उसके सेवानिवृत्त कर्मचारी राजेन्द्र चौहान को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में मनोज कुमार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने यह भी बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसके लामबगड़ स्थित कमरे में रखी हुई है तथा कुछ सामान उसने यात्रियों को बेच दिया।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की ‘रिसायकल बिन’ में कथित रूप से चोरी की गई सामग्री के फोटो भी मिले हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि चोरी के सामान को वह अपने कमरे में ले जाकर चादर पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था जिन्हें उसने बाद में डिलीट कर दिया था।