By अभिनय आकाश | Mar 15, 2025
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ऐलान किया है कि बुजदिल पाकिस्तान ने अपने ही सैनिकों के साथ मक्कारी की है। पाकिस्तान इतना मक्कार देश है कि वो जंग में मारे गए सैनिकों को इज्जत से दफनाता तक नहीं है। एक बार तो भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैनिकों को दफनाया था। आपको बता दें कि बलूचिस्तान, भारत और तालिबान ने एक साथ पाकिस्तान को तमाचा जड़ा है। दरअसल, पाकिस्तान ने अपनी बदनामी छुपाने के लिए एक साथ तीन झूठ बोले। पाकिस्तान ने बयान जारी किया कि उसने 21 बलूचों को मारकर ट्रेन हाईजैक खत्म कर दिया है। इसके बाद पाकिस्तान ने इस ट्रेन हाईजैक का झूठा आरोप भारत और अफगानिस्तान के तालिबान पर लगा दिया। लेकिन भारत और तालिबान ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि ये सरासर झूठ है। भारत और तालिबान ने कहा कि दूसरे पर आरोप लगाने से पहले पाकिस्तान को अपने अंदर झांक लेना चाहिए। इसके बाद बारी आई बलूचिस्तान की बारी आई।
जो पाकिस्तानी जवान अपने देश के लिए लड़ते हैं। उन्हीं का देश उन्हें अंतिम विदाई तक नहीं दे रहा। लेकिन आपको बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने ऐसा कुछ किया है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी ठीक ऐसा ही हुआ था। कारगिल युद्ध के दौरान भी पाकिस्तान अपने सैनिकों के शवों को उठाने नहीं आया था। भारत ने तब पाकिस्तान से कहा था कि वो अपने सैनिकों के शवों को ले जाए। लेकिन पाकिस्तान ने मना कर दिया। इसके बाद भारतीय सैनिकों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ पाकिस्तानी सैनिकों को दफनाया था। वहां से आई तस्वीरों ने भारत और पाकिस्तान की सेना के असली फर्क को दिखाया था।