China के कब्जाए शिनजियांग-तिब्बत में बलूचिस्तान वाली क्रांति शुरू हुई! दलाई लामा पर मोदी के ऐलान को देख Uyghur Muslim ने बड़ा खेल कर दिया

By अभिनय आकाश | Jul 08, 2025

पहलगाम के आतंकी हमले के बाद चीन को खुलकर समर्थन देने वाले चीन का तगड़ा इलाज शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने चीन पर अपने हमले की रफ्तार और धार को तेज कर दिया है। पीएम मोदी ने ऐसा दांव खेला है कि ताइवान समेत चीन के कब्जे वाले तिब्बत, शिनजियांग प्रांत में तहलका मच गया है। पीएम मोदी ने चीन की कमजोर नस को दबा दिया है, जिससे ड्रैगन छटपटाने लगता है। पीएम मोदी के हमले के बाद एक बुजुर्ग महिला ने चीन में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल, चीन जिन तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को अपना को अपना सबसे बड़ा कांटा मानता है। उन्हीं दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने बधाई देकर एक बहुत बड़ा दांव खेल दिया है। पीएम मोदी ने खुलकर अब तिब्बत वाली रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। पीएम मोदी के तिब्बत वाले दांव का असर ताइवान से लेकर शिनजियांग तक देखने को मिला है। चीन में जबरदस्त बगावत की चिंगारी फूट पड़ी है। चीन में वैसा ही बगावत देखने को मिल रहा है, जैसा बलूचिस्तान में इन दिनों हो रहा है। 

चीन को लगी मिर्ची

जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई शुभकामनाओं पर चीन ने प्रतिक्रिया दी। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस बारे में चीन ने भारत सरकार के सामने अपने विचार जाहिर भी किए हैं। प्रेस वार्ता में माओ निंग ने एक सवाल के जवाब में कहा, 'शिजियांग (तिब्बत) को लेकर चीनी सरकार की स्थिति साफ है। यह सभी को मालूम है कि 14वें दलाई लामा राजनीतिक तौर पर निर्वासित हैं और धर्म के लबादे में लंबे समय तक चीन विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारतीय पक्ष को तिब्बत की अति संवेदनशील प्रकृति को समझने के साथ तिब्बत से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धता को समझना चाहिए। 

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शिनजियांग से भी उठ रही आवाज

अल्पसंख्यक समुदाय पर चीन अपनी तानाशाही नीतियों को लेकर दुनियाभर में कुख्यात है। चीन के शिनजियांग प्रांत से ऐसी खबरें अक्सर आती हैं जिसे लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। इस प्रांत में ऊईगर मुस्लिम बड़ी संख्या में रहते हैं। लेकिन इसी ऊईगर मुस्लिम समुदाय से एक महिला रेबिया कादिर है जिन्हें अपने समुदाय की सबसे बुलंद आवाज माना जाता है। चीन ने रेबिया कादिर को खूब प्रतारित किया। क्योंकि रेबिया कादिर उईगर मुसलमानों और शिनजियांग प्रांत को चीन से आजाद करने की लड़ाई लड़ रही हैं। पीएम मोदी के दलाई लामा को बधाई के बाद रेबिया कादिर ने भी भारत में बैठे दलाई लामा को बधाई देते हुए कहा कि मैं आपके जन्मदिन पर तिब्बत धर्मशाला और दुनियाभर में रहने वाले सभी तिब्बतियों को बधाई देती हूं और आपकी लंबी उम्र की कामना करती हूं। 

उईगर, तिब्बतियों और मंगोल चीन से होंगे आजाद 

इसके बाद रेबिया कादिर ने एक बड़ा ऐलान करते हुए दलाई लामा से बोल दिया कि ये मेरी इच्छा है कि मैं आपके साथ मिलकर उईगर, तिब्बतियों और मंगोल लोगों को चीन से आजाद होता देख लूं। हमने लंबी लड़ाई लड़ी है और अब नतीजे का वक्त आ गया है। रेबिया कादिर अब शिनजियांग के साथ साथ तिब्बत के लोगों को भी प्रोत्साहित कर रही हैं। वो चाहती हैं कि तिब्बत और शिनजियांग दोनों चीन से अलग हो जाए। यानी चीन के कब्जाए तिब्बत और शिनजियांग में बलूचिस्तान वाली क्रांति शुरू हो गई है। 

तुर्किस्तान नाम का देश बनाना मकसद

रेबिया कादिर की इस बधाई ने उईगर मुस्लिम बहुल क्षेत्र शिनजियांग के साथ साथ अब तिब्बत में भी चीन के खिलाफ बगावत को और तेज कर दिया है। आपको बता दें कि उईगर मुसलमानों के कई और संगठन अब शिनजियांग को चीन से आजाद करवाना चाहते हैं। इसी को देखकर अब तिब्बत में रहने वाले लोगों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है। जानकारी के लिए बता दें कि शिनजियांग में उईगर मुसलमानों का एक संगठन पहले ही पीएम मोदी से मदद मांग चुका है। ये संगठन भी शिनजियांग को चीन से आजाद करवाकर तुर्किस्तान नाम का एक देश बनाना चाहता है। तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी लगातार चीन के खिलाफ लड़ रही है। 

उईगरों पर चीन के अत्याचार की सैकड़ों कहानी सामने आई

चीन में मुसलमानों की आबादी 2.2 करोड़ है, यानी कुल आबादी का 1.6 फीसदी। चीन में इस्लाम मध्य पूर्व देशों के राजदूतों के जरिये अस्तित्व में आया। शिनजियांग की मुस्लिम आबादी को लंबी ढाढ़ी रखने की आजादी नहीं है। रोजा रखने की इजाजत नहीं है, बच्चे पैदा करने की आजादी नहीं है। महिलाओं को बुर्का पहनने की आजादी नहीं है त्योहार भी मनाने की आजादी नहीं है। उइगरों पर जुल्म की कितनी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट और पड़तालें दुनिया के सामने आ चुकी हैं। शिनजियांग से सीधी खबर आना मीडिया पर पाबंदी जैसे देशों में मुश्किल है। लेकिन बीबीसी ने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट की थी जिसमें जेल में रह चुके लोगों से बीत भी की गई थी। बीबीसी को साझा किए गए अनुभव में आमिर नामक शख्स ने बताया- वो मुझे सोने नहीं देते थे। कई घंटों तक लटका कर रखा जाता था। मेरी चमड़ी में सूइंयां चुभाई जाती थी। मेरे नाखून नोचे जाते थे। इतना ही नहीं टॉर्चर का सामान मेरे सामने टेबल पर रखा जाता था ताकि मैं खौफजदा रूं। मुझे दूसरे लोगों के चीखने की आवाजें भी सुनाई परती थी। 

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