By Neha Mehta | Jul 11, 2025
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उस विवादित नियम को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है, जिसके तहत सरकारी अधिकारियों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित वरिष्ठ महिला अधिकारियों को "सर" कहकर संबोधित करना अनिवार्य था। यह नियम शेख हसीना के लगभग 16 वर्षों के शासनकाल के दौरान प्रचलन में आया था।
इस फैसले के साथ-साथ, अंतरिम सरकार ने अन्य पुराने और अप्रासंगिक प्रोटोकॉल नियमों को भी समाप्त करने की घोषणा की है। सरकार अब वरिष्ठ अधिकारियों और लोक सेवकों को संबोधित करने के लिए एक उचित, सम्मानजनक और सामाजिक रूप से स्वीकार्य शब्द तय करने की दिशा में काम करेगी। इसके लिए एक समीक्षा समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता सैयदा रिजवाना हसन करेंगी। वह वर्तमान में ऊर्जा, सड़क, रेलवे, पर्यावरण और जल संसाधन मामलों की सलाहकार हैं। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी संचार में प्रयुक्त शब्दावली बांग्लादेश के सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप हो। महिला अधिकारियों को "सर" कहने की परंपरा की लंबे समय से आलोचना होती रही है, और यह निर्णय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।