By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 12, 2026
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद नयी दिल्ली में बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में शामिल नहीं होंगे। भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच ढाका का प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ नौकरशाह के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल करेगा। ‘बांग्ला ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, बिम्सटेक देशों के गृह एवं आंतरिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो रही है।
इसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी से लगे देशों और इसके आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में बिम्सटेक की अध्यक्षता संभाली थी। बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक का उद्देश्य दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
हालांकि, खबर में अहमद के बैठक में शामिल नहीं होने का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन यह फैसला अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में आई गिरावट के बीच लिया गया है। हसीना बाद में भारत आ गई थीं। पिछले महीने प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नयी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने से परहेज किया था।
भारत सरकार ने उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था, लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए थे। ‘ढाका ट्रिब्यून’ की एक खबर के अनुसार, चौधरी के नेतृत्व वाले बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे। करीम दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस), बिम्सटेक और अन्य प्राथमिकता वाले मामलों को देखते हैं।
इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमा, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे। साथ ही, कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से निपटने के प्रयासों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। समाचार एजेंसी यूएनबी के अनुसार, मंगलवार की बैठक में भूटान के गृह मंत्री, म्यांमा के गृह मामलों के केंद्रीय मंत्री, नेपाल के गृह मंत्री, श्रीलंका के सार्वजनिक सुरक्षा एवं संसदीय मामलों के मंत्री और थाईलैंड की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप महासचिव के शामिल होने की उम्मीद है।
शेख हसीना की भारत में मौजूदगी बांग्लादेश के साथ विवाद के प्रमुख मुद्दों में से एक बन गई है। ढाका उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण के अनुरोध की कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जांच की जा रही है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि उसी महीने नयी दिल्ली में हसीना की ऑनलाइन प्रेस वार्ता से तारिक रहमान की यात्रा के लिए माहौल ‘‘खराब’’ हो गया है।
भारत ने कहा था कि हसीना से संबंधित इस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह इस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता।