Bangladesh का नया ड्रामा शुूरू, भारत से तोड़ेगा सबसे बड़ा समझौता

By अभिनय आकाश | Jan 29, 2026

12 फरवरी के आम चुनाव से ठीक पहले बांग्लादेश में भारत विरोधी माहौल अचानक से गरमा गया है। भी बॉयकॉट इंडिया कभी अडानी पावर पर जांच तो कभी भारत से बड़ा सरकारी प्रोजेक्ट छीना गया।  ऐसे में सवाल यह है कि क्या बांग्लादेश भारत के साथ 25 साल का पावर कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने की तैयारी में है या फिर यह सब चुनाव से पहले जनता का ध्यान भटकाने की नीति है? दरअसल, इस समय बांग्लादेश की राजनीति पूरी तरह उथल-पुथल में है। अगस्त 2025 के जन आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई। नई सत्ता व्यवस्था आई और चुनावी माहौल बन गया और इसी बीच भारत को टारगेट बनाना शुरू कर दिया गया। शेख हसीना को भारत का करीबी माना जाता था। उनके कार्यकाल में ही भारत बांग्लादेश के बीच कई बड़े समझौते हुए। चाहे वो पावर डील हो, इंडस्ट्रियल जोन हो या फिर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट। अब नई सत्ता के लिए सबसे आसान रास्ता है पुराने समझौतों को देश के खिलाफ बता देना। 

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इस 25 साल के कॉन्ट्रैक्ट में बांग्लादेश हर साल अडानी को करीब $1 अरब डॉलर देता है। सिर्फ 2024-25 में बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड को 4.13 अरब डॉलर का घाटा हुआ है। सबसे बड़ा आरोप है कि अडानी ने भारतीय कॉर्पोरेट टैक्स भी टेरिफ में जोड़ दिया है। जांच समिति ने कहा अडानी की कीमत अपने सबसे नजदीकी प्राइवेट कंपटीिटर से भी 39.7% ज्यादा है। यह डील सभी क्रॉस बॉर्डर पावर डील्स में आउट लॉयर बताई गई है। कोयले की कीमत भी जरूरत से ज्यादा दिखाई गई है जिससे टेरिफ और बढ़ा है। अडानी पावर ने हालांकि इसका जवाब देते हुए साफ कहा कि रिपोर्ट की कॉपी अभी तक नहीं मिली है। जांच में कंपनी से कोई सलाह नहीं ली गई थी।

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