By अभिनय आकाश | Apr 11, 2025
कुछ दिनों पहले एक खबर आई थी कि बांग्लादेशी सेना में तख्तापलट होने वाला है। खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मीडिया में छपी रिपोर्ट के बाद से चर्चा तेज हुई। इस रिपोर्ट में लिखा गया था कि भारत की मदद से बांग्लादेश की सेना के अंदर तख्तापलट की साजिश नाकाम हो गई। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेशी सेना प्रमुख वकार जमान के बीच पैदा हुए टकराव ने इस खबर पर यकीन करने के लिए सभी को मजबूर कर दिया। हो सकता है कि ये खबर सच भी हो। बांग्लादेशी सेना की मीडिया शाखा ने इस खबर का खंडन किया है। लेकिन इस बात को कोई भी छिपा नहीं सकता कि अंतरिम सरकार के समर्थक सेना प्रमुख से नाखुश हैं। रही सही कसर इस खबर ने पूरी कर दी है। खबर है कि बांग्लादेश की सेना के प्रमुख रूस के दौरे पर जा रहे हैं।
बांग्लादेश का रूस के करीब जाना और सैन्य स्तर पर बातचीक को बढ़ाना कई संकेत दे रहा है। ये दर्शाता है कि बांग्लादेश बड़े स्तर पर जाकर सहयोग को बढ़ाना चाहता है। सबसे पहले तो इससे ये साबित हो रहा है कि बांग्लादेश रक्षा विविधिकरण की कोशिश कर रहा है। बांग्लादेश अपनी सैन्य जरूरतों के लिए चीन और कुछ हद तक भारत पर निर्भर रहा है। रूस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाना बांग्लादेश की उस रणनीति का हिस्सा हो सकता है जिसमें वो अपनी रक्षा आपूर्ति को विविध करना चाहता है। रूस जो वैश्विक स्तर पर हथियारों का एक प्रमुख निर्यातक भी है, उसके करीब जाना इसे और बड़ा बना रहा है।